सड़क दुर्घटना में घायलो की मदद करने वालो को सम्मानित किया गया

सड़क दुर्घटना में घायलो की मदद करने वालो को सम्मानित किया गया

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की कार्यवाही प्रारंभ होने से पूर्व सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 16 नागरिकों (गुड समैरिटन) को उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया जिनमे गोवर्धन ठाकुर, राखी देवी,काजल किरण देवगम ,मो तहसीन अख्तार, त्रिशूल राय, आशीष महतो, सहरू महतो, सुरदी कोडा, रंजीत महतो, सुनिल लुगून, तिला तिर्की, राजेश तिवारी,आदी लोग शामिल है। 

बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा जिले में सड़क दुर्घटनाओं की वर्तमान स्थिति, विगत वर्षों के दुर्घटना एवं मृत्यु संबंधी आंकड़ों तथा वर्ष 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा प्रस्तुत की गई। साथ ही सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की जानकारी भी दी गई।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि 29 जून 2026 तक जिले में कुल 114 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं। जून माह में गत वर्ष की तुलना में 5 दुर्घटनाओं की कमी दर्ज की गई है। इस पर उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को दुर्घटना स्थलों का पृथक विश्लेषण तैयार करने, दुर्घटनाओं में संलिप्त वाहनों का वर्गवार विवरण संकलित करने तथा प्रत्येक दुर्घटना स्थल पर पिछले तीन वर्षों में हुई दुर्घटनाओं का विस्तृत आंकड़ा तैयार करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटनाओं में वार्षिक स्तर पर 20 प्रतिशत कमी लाने के लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले के सभी विद्यालयों में प्रत्येक माह एक दिन सड़क सुरक्षा दिवस आयोजित करने, विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा प्रत्येक विद्यालय में सड़क सुरक्षा क्लब का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

हिट एंड रन मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 75 मामलों में कुल ₹1,45,50,000 की मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। 46 मामलों में भुगतान हेतु आवेदन अग्रसारित करने के लिए अंचल एवं अनुमंडल कार्यालयों के कार्यों की सराहना करते हुए शेष 39 लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिले में सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की सर्वाधिक भागीदारी एवं हेलमेट के कम उपयोग को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को प्रत्येक माह विभिन्न माध्यमों से कम-से-कम 100 हेलमेट वितरित करने का निर्देश दिया गया।

सभी पेट्रोल पंपों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इसके अभाव में लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रत्येक माह दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले कम-से-कम 5  नागरिकों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता एवं प्रभावी जिम्मेदारी के लिए आम जनता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को गुड नेक नागरिक नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास भी दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। अतः सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में कार्य करें।