ओवरब्रिज या बीरबल की खिचडी़
राजगांगपुर में कछुए की चाल में हो रहा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई प्रशासन की उदासीनता से शहरवासियों में रोष
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
ट्रैफिक समस्याओं के समाधान के लिए शहरवासियों की दो दशक पुरानी , रेलवे ओवरब्रिज की मांगें पूरी करने के चार साल पहले जुलाई 2018 में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू हुआ।
रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य शुरू होते ही शहरवासियों के चेहरे खिल उठे और सभी के मन में लगने लगा की अब रेलवे फाटक से छुटकारा मिलेगा। शहरवासीयो के चेहरे पर एक अजीब सी खुशी की चमक देखने को मिली और शीघ्र ब्रिज के बन कर तैयार हो जाने की उम्मीद जताई जाने लगी , लेकिन कछुए के चाल से चल रहे ब्रिज के निर्माण से शहरवासियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
रेलवे विभाग की ओर से चार खंभो (पिलर) का निर्माण कार्य पूरा कर काम बंद कर दिया गया है . विगत पांच छः महीने से काम बंद है। लेकिन अभी तक राज्य सरकार की ओर से ओवरब्रिज के दोनों तरफ एप्रोच रोड निर्माण कार्य की पहल नहीं कि गई है . सही मायने में देखा जाए तो अब तक एप्रोच रोड के लिए जमीन अधिग्रहण काम भी शुरू नहीं हुआ है . इस एप्रोच रोड के लिए अधिकांश जमीन सरकारी है और एप्रोच रोड के लिए मात्र कुछ निजी भूूूूूखंड़ अधिग्रहण करना बाकी है , लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम अधर में लटका हुआ है।जबकि यह राज्य सरकार के अधीन में है।
उल्लेखनीय है कि राजगांगपुर रेलवे लाइन की वजह से शहर दो भागों में बंटा हुआ है . रेलवे फाटक के एक ओर प्रमुख सरकारी कार्यालय है . साथ ही साथ बगीचा पाडा , लखुवा पाड़ा , मालेडिही , डूडी सहित अन्य गांवों के हजारों लोगों का आना जाना इस रेलवे फाटक लगा रहता है। रेलवे फाटक की दूसरी ओर शहर का मुख्य बाजार है और प्रतिदिन हजारों से अधिक लोग रेलवे फाटक से होकर आवागमन करते हैं।
साथ ही साथ दोपहिया वाहन सहित भारी वाहनों का भी आनजाना लगा रहता है . रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के साथ ही साथ हर दस पंद्रह मिनट में रेलवे फाटक बंद रहने से शहरवासियों को ढेर सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है . सबसे ज्यादा दिक्कत तो किसी मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस को झेलनी पड़ती है। सरकारी आफिस , स्कूल जाने वाले लोगों सहित छात्र छात्र - छात्राओं को भी रेलवे फाटक बंद होने से परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है । वही सबसे अहम पहलू यह भी है कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमराई है।





