राउरकेला विकास मंच ने डीआरएम के बिचार पर आपत्ति जताई
प्रेस विज्ञप्ति : राउरकेला विकासमंच
राउरकेला विकास मंच ने चक्रधरपुर रेल मंडल के मंड़ल रेल प्रबंधक (डीआरएम) द्वारा राउरकेला के चेम्बर आफ कामर्स में दिए गए बयान पर आपत्ति जताई है।
राउरकेला चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से गत 10 मई को रेलवे के अधिकारियों से चेंबर कार्यालय के अपने बैठक कक्ष में चर्चा की गई थी। इस चर्चा में चक्रधरपुर रेल मंडल के मंड़ल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अरुण राठौड़ को अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आमंत्रित किया गया था।
इस चर्चा में कुछ सामाजिक संस्थाएं भी उपस्थित थीं। चर्चा में राउरकेला में एक नए रेलवे मंडल की स्थापना और सुंदरगढ़ और क्योंझर जिलों में रेलवे के विकास की मांग उठाई गई।जिसके जवाब में डीआरएम श्री राठौड़ ने मांगों पर विचार करते हुए कहा कि राउरकेला में नया रेलवे मंडल संभव नहीं है और यदि स्थापित होता है तो इससे आम लोगों को परेशानी होगी।हालांकि, चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले कुल रेलवे स्टेशनों में से अधिकांश स्टेशन सुंदरगढ़ में खदानो से भरी ओडिशा के क्योंझर और झारसुगुड़ा जिलों और संभाग में, एकत्र राजस्व का सत्तर प्रतिशत इन जिलों से जाता है। इसके अलावा, राउरकेला और बंडामुंडा में रेलवे के अधिकार में पांच हजार एकड़ जमीन और पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं हैं। मंडल की स्थापना से अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे और ईस्ट कोस्ट रेलवे और ओडिशा की वित्तीय स्थिरता उपलब्ध होगी।
ईस्ट कोस्ट रेलवे के तहत विशाखापत्तन को ईस्ट कोस्ट रेलवे से बाहर करने की योजना है, ताकि ईस्ट कोस्ट में केवल दो मंडल होंगे। रेल मंत्री ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में राउरकेला और जाजपुर रोड में दो नए रेलवे मंडल स्थापित किए जाएंगे। ईस्ट कोस्ट रेलवे का राउरकेला में केवल 30% की लागत आएगी तालचेर-बिमलगढ़ रेलवे में एक नया डिवीजन स्थापित किया जाएगा, जिसकी मांग पचास वर्षों से की जा रही है, एक डिवीजन की कमी के कारण। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसे महसूस किया और एक भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से उचित कदम उठाने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है, जबकि भारतीय रेलवे विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहा है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित सुमन दत्त, वरिष्ठ सलाहकार इंजी अभय कुमार दास, आनंद मोहंती, अर्थशास्त्री महाराणा, संजीव मोहंती, अनवरन राउरकेला विकास मंच की ओर से दास, फूपति चटर्जी, अमीर्या बराल, बोलन कुमार सामल, दहंबर मोहंती, कुंजबिहारी राउत ने कहा कि यह छलावा के सिवा कुछ नहीं है।सत्यनारायण बेहरा, सुप्रितक मिश्रा, लजक मोहंती और समाजसेवी बिमल बिशी व अन्य ने अपना मत के साथ आक्रोश व्यक्त किया और उचित कार्रवाई के लिए प्रधान मंत्री, मुख्यमंत्री, रेल मंत्री, मुख्य सचिव, ओडिशा और रेलवे बोर्ड को सूचित किया है।





