वनवासीयो को मिलेगा जमीन का पट्टा
ओडिशा में राज्य सरकार के निर्देशानुसार वनवासीयो को मिलेगा जमीन का पट्टा।
अब तक वनो में घर बनाकर रहरहे वनवासीयो को उनके दखल की भूमि उनके नाम कर दी जाएगी।
वनवासीयो को यह अधिकार जंगल अधिकार कानून २००६ संशोधित कानून २०१२ के तहत दी जायगी।
इस काम में भ्रष्टाचार ना हो और वैद्य पात्र को ही इसका लाभ मिले इसके लिए ग्रामसभा में एक वन अधिकार आयोग (फोरेस्ट राइट कमिटी) का गठन किया गया है।
उचित पात्र इसी कमिटी के पास आवेदन करेगे, यह कमिटी अपनी सिफारिश क्रमशः प्रखंड़, तहसील, जाँच आयोग, उपविभाग, को देगे अंततः यह सिफारिश जिला मुख्यालय पहुँचेगी। इतनी सारी कार्यालयों से गुजरने के बाद संबंधित आयोग जिसमें स्थानीय तहसीलदार, वन अधिकारी, सरपंच, ग्राम स्तर कार्यकर्ता (भीएलडब्लू), आदि होगे,उचित लाभार्थी को उनके दखल की भूमि का पट्टा प्रदान करेगे।
*कौन होगे लाभार्थी*
वे अनुसूचित जनजाति के लोग जो १३ दिसम्बर २००५ से या उससे पहले से जिस भूखण्ड पर वह रहते आए है या अपनी जीविका के लिए खेती करते आए है और अन्य वर्गो के लोगो के लिए १३ दिसम्बर १९३० से भूमि उनके दखल में रही होगी। अर्थात उन्हें तीन पीढ़ी का प्रमाण देना होगा।
इसके लिए बिसरा प्रखंड़ के कपाटमुंडा़ पंचायत कार्यालय में एक सभा का आयोजन किया गया था।





