श्रमिकों के जीवन का मुल्य कब समझेगे ठेकेदार

श्रमिकों के जीवन का मुल्य कब समझेगे ठेकेदार

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

सरकारी नियमों को ताक पर रख कर ठेकेदार श्रमिकों से काम ले रहे है। 
तालचेर में यह नजारा आम है, एक ओर जहाँ भीषण गर्मी की वहज से सरकार ने श्रमियकों के लिए काम करने का समय निर्धारण कर दिया है वही दूसरी ओर कई ठेकेदार ऐसे है जो सरकारी नियमों को ताक पे रखकर इस तपती धूप में श्रमिकों से सारा दिन काम ले रहे है। 
तालचेर में प्रशासन की ओर से इस समय का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बताया जा रहा है, पर नीजी तौर पर वहाँ का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस बताया जा रहा है। 
इतनी तापमात्रा में लू चलना स्वभाविक है ऐसे में खुले में श्रमिकों से दिनभर काम लेना कहाँ तक उचित है। क्या इन श्रमिकों के जीवन का कोई मुल्य नही?