नशे की चपेट में है

राजगांगपुर में फिर फल फूल रहा नशे का कारोबार, लोगों में असंतोष, प्रशासन को ही ठहरा रहे हैं लोग दोषी आखिर कार्यवाही कब होगी ?

नशे की चपेट में है

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में नशे की जड़ें एक बार फिर से मजबूत होती जा रही हैं। नशे की जड़ इतनी ज्यादा मजबूत हो गई है, कि चोरी छिपे बिकने वाली ब्राउन सुगर अब दिन के उजाले में शहर के लोगों को नशे में डुबाने के लिए तैयार है सबसे अधिक 16 से 35 साल के युवा नशे की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।

राजगांगपुर से फैला नशे का धंधा पान की दुकानों और सड़क किनारे फुटपाथ पर लगाए गए नक्ता होटलों तक पहुंच गया है। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा, जहां पुलिस की नाक के नीचे यह धंधा पनप नहीं रहा हो। सबकुछ जानकर भी पुलिस की निगाह सैौदागरों तक नहीं जा रही है। ड्रग स्मगलर खरीद- बिक्री करने वाले नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। धंधे में किशोरों को 300 रुपये की दिहाड़ी पर रखा जा रहा है, जो गली-मुहल्लों में घूम- कर हर रोज पुड़िया बेचकर युवा पीढ़ी की सांसों में जहर रूपी नीला धुआं घोल रहे हैं।

शराब की तरह ब्राउन शुगर का लगता है अड्डाः शहर के हर इलाके में पुड़िया आसानी से मिल जाती है। शहर की कुछ चुनिंदा जगहों पर टर्की बाजों का शाम होते ही सजने लगता है महफिल बाबा तालाब, होशियारी मल  तालाब व खली जगहों पर
आसानी से मिल जा रहा है।

राजगांगपुर में ब्राउन शुगर, टर्की पीने के लिए अड्डे स्थापित है। यह अड्डा सुनसान तो है ही, सब नशाबाजों के लिए सुरक्षित भी है। नशेड़ी वहाँ नशे का सेवन शुरू कर देते हैंवार्ड नंबर 1 से 20 में सुनसान इलाका जहां शाम होते ही सजती है नशेड़ियों की महफिल

शहर के नशा कारोबारियों द्वारा चुने हुए चुनिदा जगहों पर शाम होते ही सजने लगती है महफिलराजगांगपुर में फिर फल फूल रहा नशे का कारोबार, लोगों में असंतोष, प्रशासन को ही ठहरा रहे हैं लोग दोषी आखिर कार्यवाही कब होगी ?

इसलिए बिना किसी डर के भी यहां पर नशा कर सकते हैं। इन दिनों नशे की चपेट में हर वर्ग के लोग हैं। कुम्हार पाडा, मधुसूदन कालोनी अंचल में रहने वाले लोगों ने बार बार पुलिस का ध्यान टर्की बाजों और ब्राउन शुगर का   सूचना थाने में दी जाती है पर आज तक प्रशासन की तरफ से इस और कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है। यहां तक की अब आम नागरिक पुलिस प्रशासन को इस अवैध रूपी नशे के विक्रेताओं को दोस्त तक कहने लगे है।

आखिर प्रश्न खड़ा होता है कि दोषी किसे ठहराया जाए,अवैध कारोवार करने वालो को कि इस अवैध कारोबार को सह देने वालो को अब तो उच्च स्तरीय जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन दूर दूर तक ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। पूरे राजगांगपुर की जनता का एक ही प्रश्न  ऐ  ईंजिनआखिर करवाई कब होगी ?