दुष्कर्मी पिता को 10 साल सश्रम कारावास की सजा

रामप्रवेश चौधरी (संपादक)

पुत्री से दुष्कर्म के अभियुक्त पिता को 10 साल सश्रम कारावास की सजा।

सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आनेवाले राजगांगपुर अदालत के सहायक सत्र न्यायधीश (असिस्टेंट सेशन जज) सस्मिता नायक ने गुरुवार को पुत्री से दुष्कर्म के आरोपी कलियुगी पिता को दोषी करार देते हुए 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी है , साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं , पीड़िता को उपयुक्त मुआवजा देने के लिए कोर्ट ने सुंदरगढ़ जिला कानून सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार  - कोर्ट ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है,जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जिला कानून सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को मुआवजा देने का निर्देश पिता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी सरकारी वकील राजेंद्र कुमार लेका ने की जबकि अभियुक्त की ओर से संबलपुर के वरिष्ठ वकील धीरेंद्रनाथ की गई थी।