रामकृष्ण मिशन में भक्त सम्मेलन
भारत के पूर्वी क्षेत्र के सभी रामकृष्ण मिशनों को मिलाकर एक भव्य 'भक्त सम्मेलन' स्थानीय रामकृष्ण विहार स्थित रामकृष्ण मिशन परिसर में हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। राउरकेला शाखा के सचिव दिव्य स्वरूपानंद ने शांति मंत्र के उच्चारण और गीता के पंद्रहवें अध्याय के पाठ के साथ उत्सव का शुभारंभ किया।
राउरकेला मिशन के पूर्व सचिव बुद्ध देवानंद द्वारा सुरीले स्वर में रामकृष्ण भजनों के गायन के बाद सामूहिक ध्यान और पुष्पांजलि अर्पित की गई। कटक मिशन से आए स्वामी जीवनाथनन्द ने गीता, भागवत और विभिन्न कहानियों के माध्यम से भक्त सम्मेलन का महत्व समझाते हुए कहा कि भागवत में प्रभु ने स्वयं कहा है कि भक्तों के समागम में वे साक्षात् उपस्थित रहते हैं। यही इस सम्मेलन की मुख्य प्रेरणा है।
मुख्य अतिथि के रूप में भुवनेश्वर मिशन के अध्यक्ष स्वामी आत्मप्रभा नन्द ने श्री रामकृष्ण के जीवन और 'कथामृत' पर आधारित मुख्य प्रवचन दिया। श्रीमती सुस्मिता नष्कर और उनके शिष्य ऋषभ गुरुवारा ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किया, जबकि कुमारी सारिनी गुरु ने ओडिसी मंगलाचरण नृत्य के साथ देवी वंदना प्रस्तुत की। तितली फाउंडेशन के पल्लव चटर्जी और उनके साथियों ने श्री जगन्नाथ कथा पर आधारित एकांकी का पाठ किया।
इस अवसर पर मिशन परिसर और स्टेशन के पास स्थित गोपबंधु पाली बस्ती के लगभग सौ से अधिक बच्चों के लिए 'विवेकानंद शिक्षा केंद्र' के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था का शुभारंभ किया गया।
इन सभी कार्यक्रमों का संचालन कटक शाखा के उप-सचिव महेश आत्मानन्द ने किया, जिसमें राउरकेला शाखा के अध्यक्ष भारत भूषण मोहंती, कोषाध्यक्ष गोरा चांद घोष और वरिष्ठ सदस्य नगेन राय ने प्रमुख रूप से सहयोग दिया। इस सम्मेलन में भुवनेश्वर, कटक, घाटशिला, कोलकाता, जमशेदपुर, चेरापूंजी, रांची, संबलपुर और राउरकेला के लगभग 30 महाराज (सन्यासी) और 150 से अधिक भक्त शामिल हुए। अंत में राउरकेला शाखा के सचिव दिव्य स्वरूपानंद ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।





