धोखाधड़ी के आरोपी नरेंद्र मोटवानी की जमानत याचिका हुई ख़ारिज

धोखाधड़ी के आरोपी नरेंद्र मोटवानी की जमानत याचिका हुई ख़ारिज

बिलासपुर :- जमीनों के दलाल नरेंद्र मोटवानी एवं उसके परिवार की अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय ने ख़ारिज कर दी है। 

न्यायालय ने कड़ा रुख करते हुए कहा की ऐसे व्यक्ति को जमानत नहीं दी जा सकती जिससे काफ़ी शिकायते हैं नरेंद्र मोटवानी का अपराध करना जैसे उसकी आदत बन गईं हैं इस केस के अलावा और भी उसके ऊपर अपहरण का केस जिसमें उसके खिलाफ कार्यवाही हुई हैं जिसमें उसे जेल की हवा भी खानी पड़ी हैं,अब देखना यह है कि अग्रिम जमानत ख़ारिज होने के अब पुलिस उसे कब तक गिरफ्तार करती हैं।

 क्या हैं मामला जिसमें उसकी जमानत ख़ारिज हुई  

नरेंद्र मोटवानी जो जमीनों का दलाल है, के ऊपर एक महिला ने जमीन में अवैध रूप से कब्जा करने एवं बिना उसके दस्तख्त के सीमांकन में महिला का हस्ताक्षर करके अवैध तरीके से कार्य किये जाने को लेकर महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई हैं। पूर्व में भी नरेंद्र मोटवानी द्वारा गंगवानी परिवार के युवा लडके को उठा ले जाकर मारपीट की गईं थी जिसके कारण पुलिस ने उस समय भी उसे गिरफ्तार की थी। 

महिला द्वारा पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि-

वह मेनरोड पेण्डलवाल हास्पीटल के पास तोरवा की रहने वाली है, और डुलाराम मोटवनी, नरेन्द्र मोटवानी, महेन्द्र मोटवानी, राजेन्द्र मोटवानी निवासी संतोषी मंदिर के पास तोरवा बिलासपुर द्वारा उसके नाम से तहसील कार्यालय में फर्जी हस्ताक्षर करवाकर सीमांकन आवेदन प्रस्तुत कर उसके साथ धोखाधडी की गई है, जिसकी वह लिखित में आवेदन कर रही है। 

महिला द्वारा लिखित शिकायत दी गई है कि-  डुलाराम मोटवानी तथा उसके परिवार के लोगो द्वारा तहसील कार्यालय मे मेरा फर्जी हस्ताक्षर कर सीमकांन रिपोर्ट तैयार करवा जमीन का कब्जा प्राप्त करने संबंधी आदेश करवाने के संबंध मे।

महोदय निवेदन है कि मैं मीना गंगवानी पति स्व राम चंद गंगवानी उम्र 50 साल निवासी मेन रोड तोवा पेण्डलवाल हास्पीटल के पास तोरवा का रहने वाली हू मेरे नाम पर तोरवा मे पेन्डलवाल हस्पीटल के पासं खसरा क्रमांक 445 रकवा 0.0360 की भूमि है जो कि मुझे विरासत में मेरे पति रामचंद गंगवानी की मृत्यु के पश्चात प्राप्त हुआ है। मेर पति रामचंद गंगवानी के समय से हमारे जमीन का अशोक उबरानी से जमीन का कब्जा प्राप्त करने के संबंध में विवाद चला आ रहा है इसी विवाद के दौरान अशोक उबरानी द्वारा अपने नाम की भूमि खसरा 453/09 तथा 454/10 को देख रेख तथा कानूनी कार्यवाही करने के संबंध में डुला राम मोटवानी को आम मुख्तयार नियुक्त किया गया था तब से उक्त प्रकरण में सभी कार्यवाही डुलाराम मोटवानी के द्वारा मेरे खिलाफ किया जा रह है। हमारे नाम की भूमि पर मेरे पति द्वारा अपने जीवनकाल मे बाउण्ड्री बनावाया गया था जिसे जिसे अपना जमीन का सीमा बताकर डुलाराम मोटवानी द्वारा तोडवा दिया गया था तथा सीमकान संबधी विवाद होने पर डुलाराम मोटवानी मेरे नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर तहसील कार्यालय में दिनांक 10.03.2022 को एक फर्जी आवेदन, शपथ पत्र प्रस्तुत कर तथा किसी अन्य महिला को मेरे नाम से तहसील कार्यालय में उपस्थित कर आर्डर सीट मेरा हस्ताक्षर करवाकर सीमांकन रिपोर्ट तैयार करवाया गया है जिसके आधार पर डुलाराम मोटवानी द्वारा अतिरिक्त तहसीलदार में न्यायालय में मेरे पुत्र के विरूद्ध कब्जा दिलवाने के संबंध में आवेदन देकर जमीन हमारा है कहकर डुलाराम, मोटवनी नरेन्द्र मोटवानी महेन्दं मोटवानी राजेन्द्र मोटवानी आकर हमारे द्वारा बनाये गये बाउण्ड्री वाल को तोडफोड करने लगे जिससे हमारे बाउण्ड्री का नुकसान  हुआ है इस बात की जानकारी होने पर तहसील न्यायालय पता करने पता चला कि मरे नाम की सीमकान आवेदन तैयार करवा कर फर्जी हस्ताक्षर करवाया गया है फर्जी हस्ताक्षर मेरे नाम से तहसीलदार के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने वालो की खिलाफ कार्यवाही किया जावे दिनांक 8.04.2025 हस्ताक्षर हिन्दी में स्पष्ट मीना हस्ताक्षर आवेदिका नाम -मीना गंगवानी पति- राम चंद गंगवानी, निवासी मेनरोड तोरवा, पेण्डलवाल हस्पीटल के पास तोरवा।