शहर में डेंगू का प्रकोप अबतक एक बच्चे की मौत

शहर में डेंगू का प्रकोप अबतक एक बच्चे की मौत

रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता) 

सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आनेवाले  राजगांगपुर शहर में बदलते मौसम के प्रभाव से इन दिनों जलजनित मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे अंचल में डेंगू बुखार तेजी से फैल रहा है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ निजी नर्सिंग होम में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नगर में शुक्रवार को वार्ड नंबर पांच में डेंगू से पीड़ित राजेश चरवहिया के 15 वर्षीय बेटे सुजल चरवाहिया की मृत्यु हो गई।मृतक के पड़ोस में रहने वाली एक 64 वर्षीय, एक 36 वर्षीय महिला एवं एक 46 वर्षीय पुरुष डेंगू से पीडित पाया गया है। 
इसके साथ ही शहर में डेंगू मरीजों की संख्या धीरे धीरे बढ़ने लगी है। डेंगू से अबतक तक शहर में एक मरीज की मौत हो चुकी है। जबकि डेंगू से पीड़ित तीन मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में चिकित्साधीन है। शहर में ज्वर से पीड़ित मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। डेंगू से हुई 15 वर्षीय बच्चे की मौत ने शहरवासियों की चिंता बढा़ दी है। 
राजगांगपुर नगरपालिका कार्यालय में डेंगू बुखार का प्रकोप अंचल में व्यापने की सूचना मिलने पर,नालीयों में दवा का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। 
अभी भी कई नालियों में दवा का छिड़काव नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है

नगरपालिका की तरफ से लोगों को डेंगू बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए एक भी शिविर का आयोजन किया गया है।कई वार्ड में धूआँ छोड़ने का अभियान शुरू किया गया है,तो कई वार्ड अभी भी बाकी है। इससे शहर वासियों में नगरपालिका प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है।

शहर वासियों का कहना है कि नगरपालिका सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर रही है। पार्षदों के बार बार अनुरोध के बाद एक दिन वार्ड नंबर एक और 5 में धुआँ की गई थी वो भी पूरी नहीं हो पाई और मशीन खराब हो गई। दवा का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। जबकि मच्छरों से बचाव के लिए नालियों तथा अन्य खुले स्थानों पर डीटीटी का छिड़काव आवश्यक है। लोगों ने नगरपालिका से धुआँ छोड़ने की मांग की हैं ।