मालीडीही पंचायत का लखुआघाटी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित

मालीडीही पंचायत का लखुआघाटी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित

राम प्रवेश चौधरी (संपादक)

राजगांगपुर प्रखंड़ के लखुआघाटी गाँव में स्वाधीनता के 75 साल बाद भी लोग उपेक्षित जीवन जी रहे हैं। सरकार इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।  लेकिन राजगांगपुर प्रखंड अंतर्गत लखुआघाटी के ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता तथा राज्य व केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि गांव तक जाने के लिए अच्छी सड़क नहीं है और उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक ​​कि बीमार या गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल तक ले जाने के लिए भी मुख्य सड़क तक पैदल लेकर आना पड़ता है।  गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंची है,इस गाँव में सड़क, पीने का पानी मुख्य समस्या है। अभी तक गांव में ड्रिंक फ्रॉम टैप योजना के तहत पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए यह गांव पानी के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर है। इस गांव में एक ट्यूबवेल है, लेकिन उससे एक बाल्टी पानी भरने के लिए आपको एक घंटे तक इंतजार करना पड़ेगा। गर्मी के चार महीने तक ग्रामीण पेयजल की गंभीर समस्या से जूझते हैं और नहाने व शौच के लिए पास में बहने वाले नहर पर निर्भर रहते हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और चेक डैम के लिए जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है।

इस संबंध में मालिदीही की सरपंच सिमनी टोपो से पूछने पर उन्होने बताया कि फंड के अभाव में विकास कार्य संभव नहीं है।सरकार की ड्रिंक फ्रॉम टैप योजना के तहत नये ट्यूबवेल खोदने पर रोक लगा दी गयी है, क्योंकि टेप के जरिए स्वच्छ पेयजल मिल रहा है,और पाइप के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जा रहा है। ब्लॉक समूह के अधिकारी पिछले 4 वर्षों से वहां हैं, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत है कि वे कभी भी गांव की समस्याओं को देखने नहीं गए हैं।