मजदूरों के हक के लिए बीएमएस पहुँचा उच्च न्यायालय
भारतीय मजदूर संघ राउरकेला इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ और राउरकेला मजदूल संघ की ओर से राउरकेला इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 58 महिने का एरियर, और 39 महिने का एमजीबी 67 महिने बाद भी नही दिए जाने से संगठन की ओर से इस बात पर आपत्ति जताते हुए कर्मचारियों को उनका हक दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
संगठन के कार्यालय पर हूए पत्रकार सम्मेलन में हिमांशु बल ने पत्रकारो को जानकारी देते हुए कहा कि चलित वर्ष राउरकेला इस्पात संयंत्र का शुद्ध मुनाफा 12015 करोड़ हुआ है जिसपर मजदूरों का हक भी बनता है। पर इसे तारीक पर तारीक देकर मजदूरो को हतास किया था।
हिमांशु बल ने कहा कि कारखाना प्रबंधन जानबूझकर इस मुद्दे को लम्बा खीच रही है ताकि मजदूर और मजदूर नेता हताश होकर बैठ जाए, उन्होने आगे ट्रेड़ युनियनो को लेकर आडे़ हाथो लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर केवल भारतीय मजदूर संघ ही मजदूरों के हक की लडाई लड़ रहा है और बाकी सारे ट्रेड़ यूनियन प्रबंधन के साथ साठगांठ कर डीजल अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे है।





