भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक गलियारे का शुभारंभ

भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक गलियारे का शुभारंभ

सतीश शर्मा (उप संपादक) 

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार  (7 फरवरी) को भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक गलियारे का औपचारिक शुभारंभ किया। यह महत्वाकांक्षी क्षेत्रीय विकास परियोजना राज्य के प्रमुख शहरी और तटीय केंद्रों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने और विकास को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

 लोक सेवा भवन सम्मेलन केंद्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक क्षेत्र  के अंतर्गत प्रस्तावित कई परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।
यह आर्थिक गलियारा राज्य की राजधानी को प्रमुख व्यावसायिक, सांस्कृतिक और बंदरगाह केंद्रों से जोड़ने वाले एक रणनीतिक विकास क्षेत्र के रूप में परिकल्पित है, जिससे ओडिशा को पूर्वी भारत में एक प्रमुख बंदरगाह-आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकास किया जा सकेगा।
एकीकृत क्षेत्रीय विकास पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चारों क्षेत्रों के आर्थिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा,
“भुवनेश्वर, पुरी, कटक और पारादीप के दृष्टिकोण से यह अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। आम जनता के नजरिये से भी ये चारों क्षेत्र ओडिशा की अर्थव्यवस्था के विकास इंजन की भूमिका निभाएंगे।”
उन्होंने बताया कि इन चार क्षेत्रों का संयुक्त आर्थिक योगदान ओडिशा की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग 19 प्रतिशत है।
“2025 तक इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था 22.38 अरब डॉलर दर्ज की गई है। हम इन चारों क्षेत्रों को एक साझा विकास योजना के तहत जोड़ रहे हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।
दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि
आर्थिक गलियारे की दीर्घकालिक परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एकीकृत क्षेत्र 2047 तक उल्लेखनीय वृद्धि की क्षमता रखता है।
“केवल इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था 2047 तक 500 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। यह क्षेत्र भारत के विकास आकाश का नया सितारा बनेगा,” उन्होंने कहा।
चारों केंद्रों की पूरक क्षमताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“भुवनेश्वर की तकनीक, कटक की व्यावसायिक परंपरा, पुरी की संस्कृति और पारादीप का बंदरगाह — जब ये सभी एक साथ जुड़ेंगे, तो यह एक शक्तिशाली विकास इंजन बन जाएगा।”
संभावित प्रभाव
इस आर्थिक गलियारे को बढ़ावा देने  से समन्वित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने, बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी में सुधार होने और उद्योग, लॉजिस्टिक्स, प्रौद्योगिकी व पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का मानना है कि यह आर्थिक गलियारा आने वाले दशकों में सतत आर्थिक विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।