ब्रह्मकुमारीयो द्वारा नशामुक्ति शिविर आयोजित

ब्रह्मकुमारीयो द्वारा नशामुक्ति शिविर आयोजित

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के उपलक्ष्य पर वर्तमान में चल रहे ग्रीष्म कालिन शिविर के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजगांगपुर सेवा केंद्र द्वारा केड़िया भवन में आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम 120 विद्यार्थियों को लेकर संपन्न हुआ।
युवाओं को मोबाइल की लत से छुटकारा पाने के लिए कुछ आवश्यक बातो का उल्लेख करते हुए बी. के. राजीव (नशा मुक्त विशेषज्ञ) ने प् यह बताया कि जब कोई मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो तत्कालीन सुख की अनुभूति होती है अर्थात हमारे दिमाग में एक डोपामाइन नामक हार्मोन का रिसाव होता है और यही हार्मोन हमें उस कार्य को पुनः करने का सिग्नल हमारे दिमाग द्वारा देता है। जब जब हम खाली होते हैं तो शुरुआत में उसी आनंद की अनुभूति हमें याद दिलाती है तो हमारा मन उसे करने के बारे में सोचता है जिसे तलब कहते हैं तब मोबाइल में उसी फिल्म देखने या गेम को खेलने के लिए हम मजबूर हो जाते हैं। तत्पश्चात बार-बार उसी क्रिया को करने से उसकी आदत बन जाती और वही आदत चाहे हमारे कार्य अथवा संबंधों में कुछ तकलीफ देने के बावजूद भी हम उसे छोड़ने में खुद को असमर्थ अनुभव करते हैं उसके लिए हम कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाते हैं यहां तक की उसके लिए हम किसी को मार भी सकते हैं अथवा खुद को भी क्षति पहुंचा सकते हैं तभी यह एक नशा बन जाता है और हमारे लिए घातक सिद्ध होता है।
यह सारी प्रक्रिया अथवा लत का निजात पाने के लिए एक अच्छा नशा जैसे संगीत, नृत्य, या किसी कला अथवा खेल में रुचि रखते हुए समय लगा कर अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करने की आवश्यकता होती है। यदि एक सकारात्मक कार्य को नशे के रूप में किया जाए तो मोबाइल रूपी लत से बचा जा सकता है। इसके सहित बाजार में उपलब्ध कुछ नशीले द्रव्य जैसे कि गुटखा, सिगरेट, शराब एवं ड्रग्स का प्रचलन दिन पर दिन युवाओं में बढ़ता ही जा रहा है जिसका शरीर एवं मन पर होने वाला विध्वंस कारी प्रभाव से सभी को रूबरू कराते हुए अपने जीवन को सुंदर बनाने के लिए कुछ ऐसे तत्वों की जानकारी दी जो सभी के लिए आवश्यक एवं रुचि दायक सिद्ध हुई।
ब्रह्माकुमारीज द्वारा 8 दशकों से भी ज्यादा समय से सिखाया जा रहा निशुल्क सहज राजयोग का अभ्यास किसी भी प्रकार के मोबाइल अथवा सोशल मीडिया से मुक्ति पाने का कारगर उपाय सिद्ध हुआ है। ब्रह्माकुमारीज के सेवा केंद्र में आने वाले भाई बहनों का यह निजी अनुभव है की राजयोग द्वारा आंतरिक शक्तियों का विकास हो जाता है और दृढ़ संकल्प करते ही किसी भी प्रकार के नशों से पार होने की शक्ति आत्मा में जागृत हो जाती है। यह तभी संभव है जब स्वयं को इस शरीर से अलग एक चेतन सत्ता समझ परमपिता परमात्मा से संबंध जोड़कर अतींद्रिय सुख की अनुभूति की जाए। अंत में सभी उपस्थित विद्यार्थियों को राजयोग का सुंदर अभ्यास कराते हुए स्वयं से प्रेम करने का प्रशिक्षण देते हुए सुंदर अनुभूतियां कराई गई जिसे अपने जीवन में निरंतर अभ्यास करने से सहज मोबाइल की लत से मुक्ति पाने का रास्ता प्रशस्त किया गया तथा इसे सीखकर अपने अंतर्निहित समाई हुई विशेषताओं को जानने के लिए सभी को सेवा केंद्र पधारने का निमंत्रण दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजगांगपुर के शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर बीरेन कुमार महांती, सम्मानित अतिथि संतोष कुमार साहू, अमरजीत सिंह (प्रशिक्षण अधिकारी) आईटीआई, कुत्रा सहित ब्रह्माकुमारी भाई बहनों ने  ईश्वर की याद में दीप प्रज्वलन करते हुए किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह 40 प्रतिभागी बच्चे रहे जिन्होंने पूरे उमंग उत्साह सहित संगीत और नृत्य कला पेश करके सभी का मन मोह लिया, तत्पश्चात विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कृत करते हुए अपनी कलाओं को आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन दिया।
ब्रह्माकुमारीज की तरफ से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवा केंद्र प्रभारी, राजगांगपुर की वीणा बहन, सेवा केंद्र प्रभारी कुत्रा की भुनेश्वरी बहन और बी. के. रामकृष्ण भाई सहित सभी भाई बहनों का अथक सहयोग रहा।