लाॅकडाउन ने छोटे ब्यवसाइयो की आर्थिक स्थिति पर किया आघात

लाॅकडाउन ने छोटे ब्यवसाइयो की आर्थिक स्थिति पर किया आघात

अनुराग अचार्य (संवाददाता) तालचर

गंगाधर शा (संवाददाता) बड़गांव

लाॅकडाउन में एक ओर बडे़ पैमाने पर ब्यापार करने वाले जैसे थोक बिक्रेता आदि होम डिलिवरी,आंन लाईन सेवा और प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर अपना ब्यापार चमका रहे है वही छोटे पैमाने पर रोजगार करने वाले जैसे ठेले,रेडी,स्टाल आदि में चाट,चौमिन,गुपचुप(पानीपुडी़,फुलकी,गोलगप्पा)चना-मुंफली आदि व्यवसाय से जुडे़ लोग इन व्यवसायो को अनुमति न मिलने तथा अपराह्न के बाद लाॅकडाउन लगने के कारण आर्थिक रूप से तंगहाल हो चुके है।


तालचर में इन ब्यवसायो से जुडे़ प्रवासी ज्यादातर लोग अपने मूल निवास में प्रस्थान कर चुके है। चार-पाँच लोग रूक तो गए मगर इनकी भी हालत खस्ता हो गई है।
पिछले साल से लग रही लागातार लाॅकडाउन की वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे इन लोगो को बीच में कुछ ढील दिए जाने से राहत तो मिली थी पर पुनः लाॅकडाउन और शर्टडाउन जैसे हालातो ने इनकी आर्थीक स्थिति पर गहरा आघात किया है।

 बडगांव ब्लाक में भी छोटे व्यवसाईयो को काफी असुविधाओ का सामना करना पड़ रहा है।
नाई की दुकान चलाने वाले व फास्टफुड़ वेचने वालो ने बताया की लाॅकडाउन की वजह से उनकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है,कही से कोई मदद न मिलने से घर में खाने-पीने की समस्या भी बनी हुई है।व्यापार को बढा़ने के लिए,लिये गए लोन के पैसो की भी किस्ते नही दे पा रहे है ।


बेणूधर पसायत ने अपना दुःख जाहिर करते हुए बताया की पैसे के अभाव में घर में बिमार पिता की सेवा करना उनकी दवाइयो का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है़,बच्चो को भी सही से भोजन नही दे पा रहा हूँ।और दुकानो की तरह हमारे दुकानो को भी कुछ समय के लिए खुलने की अनुमती मिल जाती तो हमारी हालतो में भी कुछ सुधार हो सकता था।