बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल,50 लाख प्रतिमाह खर्च: फिर भी सीवर जाम
ओडिशा सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर की सुचारू सफाई व्यवस्था के लिए पिछले साल नवंबर से एक निजी कंपनी को 6 करोड़ प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं। यानी निजी कंपनी को 6 करोड़ के हिसाब से 50 लाख प्रति माह दिए जा रहे हैं। राजगांगपुर की सफाई व्यवस्था का प्रबंधन संस्था टेंडर के माध्यम से करा रही है। इस बीच 7 महीने बीत गए, पहले महीने से ही सफाई व्यवस्था के प्रबंधन में खामियों की शिकायतें मिल रही थीं, शहर के विभिन्न नालों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर चुप बैठे थी। इन सात महीनों में लोगों की गाढ़ी कमाई के 3.5 करोड़ खर्च हो चुके हैं। लेकिन देखा जा रहा है कि जगह-जगह नियमित रूप से कूड़ा फेंका जा रहा है, नालों में मलबा भरा जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश में इसकी नालियां जाम हो गई हैं। कुछ स्थानों पर नाले जाम होने से बारिश का पानी नहीं निकल पाया और संबंधित क्षेत्रों में जमा हो गया है। शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका ने विभागीय अधिकारी और नगर पालिका अधिकारी की मौजूदगी में नाले की सफाई कराई तो भारी मात्रा में मिट्टी, प्लास्टिक की बोतलें और प्लास्टिक निकला। सवाल उठता है कि अगर इसकी नियमित सफाई हो रही है और इस पर 50 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं तो नालियों से इतना कचरा कैसे निकल रहा है? जनता मांग कर रही है कि इसके लिए विभागीय कर्मचारी और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार है जिस पर उचित करवाई हो।





