फोकस पर्सोना स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

फोकस पर्सोना स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

चक्रधरपुर, झारखण्ड: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों को सचेत करने के उद्देश्य से, शनिवार को हथिया स्थित 'फोकस पर्सोना स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' में एक विशेष साइबर क्राइम अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रबिन्द्र गिलुवा की अनूठी पहल पर 'ipil Innovation' के बैनर तले संपन्न हुआ।

​कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत भाषण से हुआ। इसके पश्चात, विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रीति कुमारी ने मंच पर उपस्थित साइबर विशेषज्ञों का परिचय कराया और वर्तमान समय में इस विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। यह पूरा आयोजन विद्यालय के निदेशक प्रफुल कुमार पाठक एवं प्रधानाचार्या की देखरेख में सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से तीन विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और तकनीकी जानकारी साझा की:

​रबिन्द्र गिलुवा (संस्थापक, डोनेट ब्लड): कार्यक्रम के सूत्रधार और सह-मेजबान (Co-host) के रूप में रबिन्द्र गिलुवा ने जागरूकता अभियान का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीक का सही ज्ञान हमें सुरक्षित रख सकता है। निर्मल सिंकू (साइबर एक्सपर्ट, जगरनाथपुर): श्री सिंकू ने मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दैनिक जीवन में बरती जाने वाली सावधानियों और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के गुर सिखाए।

​कृष्णा दिग्गी (संस्थापक, ipil Innovation): मुख्य वक्ता के रूप में श्री दिग्गी ने साइबर अपराध के विभिन्न प्रकारों (जैसे फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड) पर फोकस किया और इनसे बचाव के प्रभावी कानूनी व तकनीकी उपायों की जानकारी दी।

​कार्यक्रम की विशेषता इसका संवादात्मक (Interactive) होना रहा। स्कूल के बच्चों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई पेचीदा सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने बड़ी ही सरलता से जवाब दिया। न केवल छात्र, बल्कि उपस्थित अभिभावकों ने भी मोबाइल और इंटरनेट के "साइड इफेक्ट्स" और सुरक्षा मानकों को गहराई से समझा।

​निदेशक का संबोधन
​विद्यालय के निदेशक श्री प्रफुल कुमार पाठक ने विशेषज्ञों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि, "शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है; आज के समय में डिजिटल सुरक्षा का ज्ञान होना अनिवार्य है।" उन्होंने टीम को भविष्य में भी इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

​इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राएं, समस्त शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन भविष्य में एक सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने के संकल्प के साथ हुआ।