फर्जी कागजात के सहारे जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम

फर्जी कागजात के सहारे जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचर उप पंजीयक (सब रजिस्ट्रार कार्यालय में  फर्जी कागजात के सहारे किया जा रहा है रजिस्ट्री उठ रही है विजिलेंस जांच की मांग।
जमीन की रजिस्ट्री में फरर्जीवाडा की शिकायत लेकर जमीन के मालिक विजय प्रधान ने थाने से मदद न मिलने पर मीडिया से शिकायत की है कि लंबे समय बाद भी तालचेर में जमीन की खरीद से जुड़े फर्जीवाड़े के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.  घटना के अनुसार संबंधित परिवार के मदनसुंदर प्रधान ने तालचेर प्रखंड के घंटापाड़ा गांव में विजय प्रधान के पिता की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के साथ तलचर उप पंजीयक कार्यालय में जमीन बेच दी है। यह जमीन घंटापाड़ा मौजा के खाता संख्या-250 प्लॉट नंबर-5 177, एरिया-10.16 संयुक्त रूप में घनश्याम प्रधान, शांति प्रधान और चंदूरी प्रधान के नाम है। कागजातों के मुताबिक यह जमीन तालचेर प्रखंड के नकीपाशी गांव के धरणीधर को  बेच दी गई है। जब धरणीधर दास इस जमीन पर ईंट की दीवार बनाने गए, तो जमीन के वास्तविक शेयरधारकों में से एक विजय प्रधान ने इस पर आपत्ति जताई और इसकी प्रामाणिकता का पता लगाने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच की। जहाँ श्री प्रधान को पता चला कि यह जमीन उनके बड़े भाई (घनश्याम प्रधान के पुत्र) ने धरणीधर दास के नाम 3 जनवरी को करायी है।जानकारी होने के बाद में श्री प्रधान ने तालचेर थाने में शिकायत दर्ज कराई।  लेकिन अब तक न कोई कार्रवाई हुई और न ही श्री प्रधान को न्याय मिला।  इससे साफ है कि उप पंजीयक कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कैसे की जा रही है।  भले ही इस तरह के भ्रष्टाचार में शामिल बेईमान कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुकदमा दायर किया गया था, लेकिन यह असफल रहा।  चूंकि उक्त स्थान गलती से दर्ज हो गया था, श्री प्रधान तालचेर थाना पुलिस ने श्री धरनीधर दास, मदनसुंदर प्रधान, मदनमोहन सामल, अशोक सेठी, अधिवक्ता कुमारी नाइक, तालचेर उप-पंजीयक कार्यालय के लिपिक के खिलाफ मामला संख्या-385 15/8/2022 दर्ज किया। और तलचर उप पंजीयक कार्यालय के अधिकारी शिदानन्द नाइक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।  तालचेर थाना पुलिस ने धारा 294, 506, 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया है।  आमतौर पर यह दावा किया जा रहा है कि अगर इसकी जांच सतर्कता विभाग से करवाई जाए तो असली सच्चाई सामने आएगी।