नोटिस दिए जाने के बाद भी जारी है अवैध निर्माण
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में सरकार द्वारा निर्मित सार्वजनिक सड़क के किनारे किसी अग्रवाल द्वारा निजी नाले के निर्माण को लेकर राजगांगपुर नगरपालिका कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है, परनगर पालिका द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है।
प्राप्त सूचना के अनुसार राजगांगपुर शहर में एक कंपनी मालिक श्याम सुंदर अग्रवाल द्वारा सरकारी जमीन पर अपने घर के समक्ष निजी नाले का निर्माण कराने को लेकर नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी की गई है, वही श्याम सुंदर अग्रवाल को नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण कार्य धडल्ले से जारी रहने से यह घटना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आपको बता दे की राजगांगपुर शहर में एक कंपनी मालिक श्याम सुंदर अग्रवाल द्वारा सरकारी नजूल जमीन जिसका खाता नम्बर 516/1168 प्लाट नंबर 2/4273 एवम मंजू अग्रवाल के नाम से खाता नम्बर 516/1167 प्लाट नम्बर 2/4285 जो कि सरकारी नजूल जमीन है । इस जमीन को श्री अग्रवाल द्वारा किस आधार पर और कैसे सरकार से इस जमीन को अपने नाम पट्टा बनवा कर और घर बनाने का अनुमति लेकर इस जमीन में एक भव्य भवन बनवाई गई है, और घर के आगे से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर नीजी तौर पर एक बडे़ नाले का निर्माण करवाया जा रहा है, वह भी बिना अनुमति के। जबकि इस नाले को लेकर नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी की गई है और नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण जारी है। शहर में ऐसी चर्चा है कि जिसके पास पैसा है उसको किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती है।
अब यहां प्रश्न उठता है कि किस आधार पर सरकारी नजूल जमीन पर घर बनाने का परमिशन दिया गया है,यह जांच का विषय है।
जबकि सरकारी नजूल जमीन भारत को आज़ादी मिलने के बाद अंग्रेज़ों ने इन ज़मीनों को खाली कर दिया था। ऐसा इसलिए की राजाओं और राजघरानों के पास अक्सर जमीन पर पूर्व स्वामित्व साबित करने के लिये उचित दस्तावेज़ों की कमी होती थी, इन ज़मीनों को नज़ूल भूमि के रूप में चिह्नित किया गया था- जिसका स्वामित्व संबंधित राज्य सरकारों के पास था। अब उच्च अधिकारी के द्वारा जांच होने पर ही इस मामला का पर्दाफाश हो सकता है।





