नहीं सुलझा बस कर्मचारियों का विवाद यातायात व्यवस्था प्रभावित

नहीं सुलझा बस कर्मचारियों का विवाद यातायात व्यवस्था प्रभावित

राउरकेला से लोआराम के बीच चलने वाली मोनालीसा बस के चालक लालो पर प्रींस बस के मालिक सुल्तान और परिचालक शाहरूख द्वारा मारपीट और बदसलूकी किए जाने का मामला पूरी तरह से गरमा गई है,चालक लालो के समर्थन में उतरा ओडिशा ड्राइवर महासंघ।आज इस रूट की सभी निजी बसे बंद रही और कल भी बस परिचालन ठप रहने की आशंका है।
हालांकि सोरडा़ में आज सुबह से ही बस कर्मचारियों के साथ कुछ स्थानीय लोग बैठक कर मामले का निपटारा करना चाहते थे पर कई बार सुल्तान और शाहरूख को बुलाने पर भी दोनों नहीं आए जिस वजह से मामला और गरमा गया। आज शाम ड्राइवर महासंघ के कार्यकर्ता सोरडा़ ग्राम पहुंचे और पीडित चालक लालो के समर्थन में उतर आए। दिन बीत जाने पर भी प्रिंस बस के मालिक और परिचालक के सोरडा़ नहीं पहुंचने पर व्यथित नीजी बस कर्मचारी और ड्राइवर महासंघ के सदस्य बिसरा थाना में सुल्तान और शाहरूख के बिरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने गए,जहाँ पुलिस अधिकारी ने पीडित पक्ष को संबंधित थाने में जाने की सलाह दी। चुकी घटना राउरकेला बस अड्डे में घटित हुई है, जो प्लांटसाइट थाना अंतर्गत आता है। जिसके बाद सभी लोग वापस लौट आए।बस कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडित पक्ष कल सुबह मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्लांटसाइट थाना जा सकते है। 

जानें क्या है पूरा मामला

राउरकेला से झारखंड सीमावर्ती ग्राम लोआराम के बीच चलने वाली सभी निजी सवारी बसें आज सोरडा़ में खड़ी रहीं। बस कर्मचारियों ने अपनी बसें सोरडा में खड़ी कर विरोध जताया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर नुआगाँव ब्लाक के बागडेगा में साप्ताहिक हाट के दिन बस सेवा बंद होने से स्थानीय व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।बस चालकों और कर्मचारियों का आरोप है कि प्रींस बस के मालिक सुल्तान और कंडक्टर साहूरुख ने एक अन्य चालक लालो के साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया,इस घटना से नाराज होकर सभी कर्मचारी सोरडा पंचायत कार्यालय के समीप एकत्रित हुए और ग्राम सरपंच को अपनी व्यथा सुनाई।कर्मचारियों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जब तक सुल्तान और साहूरुख सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और साहूरुख को बस लाइन से नहीं हटाया जाता, तब तक बसें नहीं चलाई जाएंगी।अनियमितताओं के भी लगे आरोप
कर्मचारियों ने प्रींस बस पर बिना परमिट संचालन का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त बस के कर्मचारी अन्य चालकों और परिचालकों के साथ अक्सर दुर्व्यवहार करते हैं, उन्हें धमकाया जाता है और सरेआम अपमानित किया जाता है।पूर्व कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया गया। जब उन्होंने वेतन की मांग की, तो उन्हें धमकी दी गई, मारपीट की गई और यात्रियों के सामने गाली-गलौज की गई। कर्मचारियों ने सोरडा ग्राम पंचायत के सरपंच से इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने की मांग की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें सुरक्षा और सम्मान की गारंटी नहीं मिलती, उनका विरोध जारी रहेगा।इस विवाद का समाधान निकाले जाने तक राउरकेला से लोआराम के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है।