जेएसएससी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
आंदोलन में कर्मठ नेतृत्व के परिणामस्वरूप जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा ने दिया इस्तीफा : देवेन्द्र नाथ महतो
सीजीएल पेपर लीक मामले पर आंदोलन के नेतृत्वकर्ता झारखंड स्टेट स्टूडेंट यूनियन के प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आन्दोलन के परिणामस्वरूप आज जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा को अपना अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा, नीरज सिन्हा के नेतृत्व में एक भी परीक्षा का संचालन निष्पक्ष और पारदर्शिता से संपन्न नहीं हुआ। 10 साल के बाद आंदोलन के परिणामस्वरूप जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का तिथि दिनांक 28 जनवरी और 4 फरवरी 2024 को सुनिश्चित हुआ था। लेकिन 28 जनवरी 2024 परीक्षा से पूर्व ही पेपर लीक हो गया जिसका ठोस सबूत मिलने के बाद झारखण्ड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान करते हुए पहला दिन 29 जनवरी 2024 को सम्पूर्ण झारखंड के जिला मुख्यालय और विभिन्न चौक चौराहों में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तत्कालीन अध्यक्ष नीरज सिन्हा का पुतला दहन किया। आंदोलन के दूसरे दिन 30 जनवरी 2024 को सम्पूर्ण झारखंड के प्रमुख चौक चौराहों में कैंडल मार्च निकाला गया फिर भी जेएसएससी द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर प्रशासन को अनुमति सूचना के तहत 31 जनवरी 2024 को जेएसएससी कार्यालय का घेराव किया गया, जिसमें सम्पूर्ण झारखंड से हजारों की संख्या में छात्र पहुंचे थे, सफल आंदोलन के परिणाम स्वरूप आंदोलन के दौरान ही
जेएसएससी को ऑफिशियल वेबसाइट आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए 28 जनवरी का सम्पूर्ण परीक्षा तथा 4 फरवरी की परीक्षा को स्थगित किया गया। तथा आंदोलन के 21 वें दिन जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा को इस्तीफा देना पड़ा। साथ ही देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलन सही साबित हुआ तो निर्दोष छात्रों के पर नामकुम थाना कांड संख्या 46/2024 15 नामजद समेत 4000 छात्रों पर किया गया एफआईआर वापस कर दोषीदार पर कारवाई किया जाय, जेएसएससी सीजीएल मामला पर एसआईटी टीम पेपर लीक मामले का जांच झारखंड के अलावा देश के अलग अलग जगह लगातर जांच कर रही, कई बड़े बड़े सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार भी कर चुकी है, कई जगहों से भारी मात्रा में जेएसएससी का एडमिट कार्ड भी बरामद की है, लेकिन अभी तक पेपर लीक का असली मास्टरमाइंड और गिरोह के सरगना का खुलासा नहीं हुआ है, जेएसएससी का सम्पूर्ण सफाई सीबीआई टीम से जांच कराकर पेपर लीक का असली मास्टरमाइंड गिरोह का सरगना को पकड़कर ही किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामला का सीबीआई जांच, परीक्षा लेने वाले एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड कर नए एजेंसी का टैंडर कर झारखण्डी छात्रों को रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।





