चिकित्सक की मौत पर राजनीति

चिकित्सक की मौत पर राजनीति

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

अंगुल जिला के तालचेर में नीजी अस्पताल संचालक चिकित्सक प्यारीमोहन प्रधान की मौत पर राजनीति गरमाने लगी है। एक ओर जहाँ चिकित्सक की मौत को मुद्दा बनाकर सत्तासीन राजनैतिक पार्टी बीजद तालचेर में 6 घंटे की बंदी कर रखी है वही ओड़िशा में बिपक्ष की राजनैतिक पार्टी भाजपा इस बंदी पर आपत्ति जताई है। 
स्थानीय भाजपा नेताओ ने नगरपालिका बाइपास में स्थित होटल ग्रीनपार्क में अपराह्न 12.00 बजे एक संवाददाता सम्मेलन कर बीजद द्वारा 12 घंटे की तालचेर बंदी को निंदनीय कार्य बताया है। 
पत्रकारो को संबोधित करते हुए भाजपा जिला सभापति डिलेश्वर प्रधान ने कहा कि स्थानीय विधायक के निर्देश पर सुरक्षामंच सभापति मुरलीधर साहू के नेतृत्व में आज यहाँ एमसीएल के विभिन्न कोयला खानों को बंद किया गया है, इस बंदी से ठेकाश्रमीको और कोयला ढुलाई करने वाले ट्रको को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसकेलिए भाजपा की ओर से सत्तापक्ष के विरूद्ध कडी कार्यवाही की मांग की गई है।

इस पत्रकार सम्मेलनी में स्थानीय प्रशासन के कार्य पर भी प्रश्न खड़ा करते हुए उप सभापति मनोज प्रधान ने कहा कि स्थानीय प्रशासन सत्तासीन सीन पार्टी व अन्य के बीच कार्यवाही करने में भेदभाव कर रही है, वर्तमान राज्य सरकार कहती है कि कानून  सबके लिए बराबर है पर यहाँ ऐसा नही है,उन्होने कई उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई किसी मुद्दे को लेकर बंद का समर्थन करता है तो यहाँ की पुलिस प्रशासन उसे जेल भेज देती है जबकि इस बंदी से ट्रक,हाइवा और ठेका श्रमिकों की दिहाड़ी मारी जा रही है जिनकी संख्या कुल मिलाकर उन्होने 15 हजार तक बताया है। उन्होने स्थानीय प्रशासन पर प्रश्न खड़े करते हुए कहा कि उनपर कार्यवाही क्यों नही की जा रही है। सिर्फ इसलिए क्योंकि यह बंदी सत्तापक्ष के द्वारा की गई है इसलिए।