अपोलो अस्पताल में लगे गंभीर आरोप आधीरात में हुआ हंगामा
राउरकेला अपोलो अस्पताल में बुधवार-गुरूवार की आधी रात के समय हंगामा होना शुरू हुआ, और अचानक अस्पताल का माहौल विवादास्पद हो गया।
अस्पताल प्रबंधन पर अयुष्मान कार्ड पर इलाज से इनकार व अधिक वसूली का आरोप लगा है। इस मुद्दे पर परिजनों व भाजपाइयों ने अस्पताल के भीतर जमकर हंगामा मचाया।
राउरकेला सेक्टर-19 स्थित राउरकेला इस्पात जेनरल अस्पताल से सटे अपोलो अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों से घिर गया है। देर रात एक महिला मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान कार्ड पर इलाज से इनकार कर दिया और आधी रात को मरीज को तुरंत अस्पताल से बाहर ले जाने की धमकी दी।मामले की सूचना मिलते ही बीजेपी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-19 पुलिस को सूचित कर अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने अस्पताल प्रशासन से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी सामने नहीं आया। इससे नाराज होकर परिजनों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान नाइट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से भी तीखी बहस हुई।
वहीं, मौके पर मौजूद अन्य परिजनों ने भी अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लगाए। किसी ने कहा शव नहीं सौंपा जा रहा, तो किसी ने आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से इंकार करने की शिकायत की। कई लोगों का आरोप था कि अचानक मरीज को ले जाने का दबाव बनाया जाता है या फिर बड़ी रकम तुरंत जमा करने की मांग की जाती है। यहां तक कि अस्पताल से सटे इस्पात जनरल अस्पताल से लाए गए मरीज की एंबुलेंस के लिए 3,500 रुपये वसूलने का मामला भी सामने आया।
हंगामा बढ़ता देख सेक्टर-19 थाना प्रभारी रंजन कुमार नायक थाना के अन्य पुलिसकर्मीयों के साथ अस्पताल पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया। हालांकि,अस्पताल के रवैये के खिलाफ हंगामा मचा कर नेतृत्व ले रहे नीरज चतुर्वेदी ने चेतावनी दी की अस्पताल प्रशासन ने रवैया नहीं बदला, तो आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पताल आयुष्मान योजना को बदनाम कर प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
राउरकेला में यह पहला मामला नहीं हैं, ऐसे ही आरोप शहर के हाइटेक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और जय प्रकाश अस्पताल (जेपी हास्पिटल) पर भी कई बार लग चुका है।





