73 बांग्लादेशी नागरिकों को किया निर्वासित
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार (23 फरवरी) को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि मई 2025 से अब तक ओडिशा ने 73 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया है। इस अवधि में संदिग्ध नागरिकता वाले 2,261 व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई।
विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि मई 2025 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए थे और सभी पुलिस अधीक्षक इन निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहचान प्रक्रिया के तहत अब तक 2,261 संदिग्ध व्यक्तियों के पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इनमें से 2,184 लोगों को भारतीय नागरिक पाया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया।
शेष 77 व्यक्तियों को बांग्लादेशी घुसपैठिया के रूप में चिन्हित किया गया। इनमें से 26 भुबनेश्वर, , 15 ,कटक छह ब्रह्मपुर 21 जगतसिंहपुर तथा चार कंधमाल में चिन्हित किए गए। इनमें से 77 में से 73 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया था। उनके खिलाफ मामले दर्ज कर अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। दो अन्य के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया जारी है।
संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों के सत्यापन का मुद्दा राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है। पड़ोसी राज्य प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस तरह के सत्यापन अभियान पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि इससे राज्य के वास्तविक निवासियों को परेशान किया जा रहा है।
पिछले वर्ष झारसुगुड़ा जिले में बांग्लादेशी होने के संदेह में 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से अधिकांश पश्चिम बंगाल के निर्माण श्रमिक थे।
हालांकि ओडिशा सरकार का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत और दस्तावेजी जांच के आधार पर की जा रही है।
एक ओर राज्य सरकार आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा और बहस भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि सरकार अवैध घुसपैठ रोकने और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है—और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।





