बिना पुनर्वास के 23 दुकानो में चला बुलडोजर एमसीएल के प्रति लोगो में रोष

बिना पुनर्वास के 23 दुकानो में चला बुलडोजर एमसीएल  के प्रति लोगो में रोष

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

एमसीएल ने प्रशासन के सहयोग से 23 दुकानों को बिना पुनर्वास के तोड़ा,गरीब दुकानदारो के जीविका छिन जाने से रोष  ट्रक चालको परिचालको को भोजन ना मिलने से दिन भर भूखे रहना पड़ा। 

तालचेर में एमसीएल के द्वारा प्रशासन की मदद से 23 दुकानो को तोड़ा जाना क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।  एमसीएल ने प्रशासन की मदद से तालचेर ब्लॉक के अंतर्गत भुवनेश्वर और लिंगराज खदान के बीच लंगिजोडा चौक के पास स्थित 23 दुकानो, जिसमें चाय ,टायर,जलपान,भोजन आदि की दुकाने थी उन सभी दुकानो को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।   कई वर्षों से स्थानीय गरीबों के साथ-साथ उस क्षेत्र के कुछ प्रभावित लोग छोटी-छोटी दुकाने बनाकर रोजगार किया करते थे जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण होता था। कोल कॉरिडोर से गुजरने वाले यात्रियों, सहायकों और कुछ एमसीएल कंपनी के ठेकेदार,मजदूर,चालक अपना पेट भरने के लिए पूरी तरह से इन दुकानों पर निर्भर थे।और दिन के मध्य में घर जाए बिना उन दुकानों पर खाना खाते हुए दिन बिताते थे।  आज इन सभी दुकानों को एमसीएल ने प्रशासन के सहयोग से ध्वस्त कर दिया है फलस्वरूप ये इलाके बदहाल हो गए हैं। ये दुकानदार अब अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, चालक, खलासी जो भोजन और वाहन की मरम्मत के लिए इन दुकानो पर निर्भर थे उनका क्या होगा। 
हालांकि, एमसीएल की मदद से पैसे वाले लोगों ने जमीन पर बड़े-बड़े भवन बनवाए और एमसीएल से मुफ्त में पानी और बिजली ले ली और उन इमारतों को किराए पर देकर काफी पैसा कमाया।आम तौर पर यह माना जा रहा है कि इन गरीब दुकानदारों की पहले कही व्यवस्था की जानी चाहिए थी उसके बाद दूकानो को तोड़ा जाना चाहिए था।