साइबर एवं आर्थिक अपराध के आरोप में चार गिरफ्तार

शहर के जानेमाने टेलर- लिबास टेलर्स के साथ तीन गिरफ्तार

साइबर एवं आर्थिक अपराध के आरोप में चार गिरफ्तार

साइबर अपराध एवं आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन, उदितनगर, राउरकेला में दर्ज थानाकांड़ संख्या 01 दिनांक 22.01.2025 यू/एस 318(4)/319(2)/338/336(3)/61(2)/बीएनएस/आर/डब्ल्यू आईटी अधिनियम की धारा-66(सी)/66(डी)

राउरकेला पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी, जाली दस्तावेज और अनधिकृत नकद निकासी से जुड़ी एक धोखाधड़ी वाली क्रेडिट कार्ड योजना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। आईसीआईसीआई बैंक की शिकायत के आधार पर, 52,90,000/- रुपये और ब्याज सहित बड़े पैमाने पर क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी की जांच शुरू की गई।
जांच से पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद तबरेज़ आलम ने कई लोगों को स्थिर आय की कमी के बावजूद आसान स्वीकृति का वादा करके क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए लुभाया। उसने कथित तौर पर उदित नगर की टैक्स और अकाउंट सर्विसेज फर्म के साथ मिलीभगत करके आयकर रिटर्न (आईटीआर) जमा करने में मदद की और उच्च-सीमा वाले क्रेडिट कार्ड हासिल करने के लिए उन्हें जाली बनाया।

आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसने यह सुनिश्चित किया कि ग्राहक इन जाली दस्तावेजों के आधार पर क्रेडिट कार्ड की पात्रता मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा कर लें।

क्रेडिट कार्ड जारी होने के बाद, कथित तौर पर उनका इस्तेमाल राउरकेला में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नकद लेनदेन में बदलने के लिए किया जाता था। आरोपी के बहकावे में आकर ग्राहक इन दुकानों पर अपने कार्ड स्वाइप करके नकद लेते थे, जिसे बाद में ईएमआई में बदल दिया जाता था।

तबरेज़ आलम के बैंक खाते की आगे की जांच से पता चला कि सितंबर 2023 से अगस्त 2024 तक 2.7 करोड़ रुपये का क्रेडिट संचय हुआ, जिसमें कई जमा राशियों का पता धोखाधड़ी वाले लेन-देन से लगाया गया। इसी तरह, चार्टर्ड अकाउंटेंट (टैक्स एंड अकाउंटिंग सर्विसेज के मालिक) के बैंक खाते की जांच से पता चला कि सितंबर 2023 से अगस्त 2024 तक 8 करोड़ रुपये का क्रेडिट संचय हुआ, जिसमें कई जमा राशियों का पता धोखाधड़ी वाले लेन-देन से लगाया गया।
ईएमआई का भुगतान अनियमित रूप से किया जाता था और कभी-कभी इसे तबरेज़ आलम को सौंप दिया जाता था, जो भुगतान करने से पहले कमीशन काट लेता था।
इसमें शामिल व्यापारियों ने इन धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन को सुगम बनाया, जिससे क्रेडिट कार्ड के धन का दुरुपयोग हो सका। धोखाधड़ीपूर्ण ऋण आवेदनों और लेनदेन के कारण अभियुक्त को गलत तरीके से लाभ हुआ और आईसीआईसीआई बैंक को  हानि हुई।

गहन जांच के बाद, इंस्पेक्टर खितीश पात्रा के नेतृत्व में साईबर अपराध और आर्थिक अपराध थाना की टीम ने एसएल सिद्धार्थ प्रधान, एसआई संपद मोहंती के द्वारा चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

1.मोहम्मद तबरेज़ आलम (37), लिबास टेलर्स के मालिक,

2.आईसीआईसीआई बैंक - क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी ,
3.कर एवं लेखा सेवाओं के स्वामी, उदित नगर,

4.आरएन ट्रेडर्स, उदित नगर के मालिक,

पुलिस द्वारा - 3 क्रेडिट कार्ड स्वाइप करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले POS टर्मिनल जब्त किए गए है। 

धोखाधड़ी योजना में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। साथ ही, अन्य एजेंसियों को भी धोखाधड़ी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता की पुष्टि करने के लिए सूचना भेजी जाएगी।

राउरकेला पुलिस ने जनता को यह संदेश दिया है कि -
राउरकेला पुलिस वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से जनता की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की सूचना अधिकारियों को दें।