रात के अंधेरे में खान से गायब हो रहे है टनो कोयला
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
एमसीएल के अधिकारियों और कोयला माफिया के मिली भगत से ट्रकों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है चोरी का कोयला।
एक ओर जहाँ एमसीएल तालचेर के कोयला खानों से हर साल करोडों रुपये कमाती है, वहीं आज राष्ट्रीय सम्पदा कुछ बेईमान अधिकारियों के लिए एक अवैद्य कमाई का जरिया बनी हुई है।ऐसे ही नजारे इन दिनों तलचेर के भरतपुर में स्थित खुले कोयला खदान में देखने को मिल रही है।
कोयला के इस काले कारोबार से कोयला माफिया और खान अधिकारी आपसी सांठगांठ से मिलकर पैसा बनाने में लगे हुए हैं। यहां रात के अंधेरे में टनों कोयला चोरी से ट्रको के माध्यम से गायब कर दिया जाता हैं। बताया जा रहा है कि इन ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या149 के जरिए जिले से बाहर तस्करी कर ले जाया जा रहा है। ऐसे में खदान सुरक्षा प्रभारी, अधिकारी द्वारा किसी प्रकार का कोई कार्रवाई नहीं किया जाना कोयला माफिया के साथ इनके मिलीभगत होने की आशंका पैदा करता है।
इसलिए कोयला माफिया, बेखौफ खनन अधिकारियों और सुरक्षा विभाग की गतिविधियों को देखकर लगता है कि कोयला तस्करी में कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है आश्चर्य की बात यह है कि खदान में कोयले के उत्पादन के हिसाब से इतने बड़े परिमाण में कोयले की तस्करी की जा रही है, खान प्रबंधक और परियोजना अधिकारी को कैसे पता नही लग पा रहा है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में उक्त खदान के अधिकारी इस चोरी को रोकने के लिए कोई हल निकालेंगे या यों ही चुप रहेंगे।





