राजगांगपुर नगरपालिका में विवाद
राजगांगपुर नगरपालिका के मुख्य द्वार पर लगा ताला बंद द्वार के सामने एसएचजी महिला धरने पर बैठी।थाने पर हुई शिकायत।
बीते शनिवार के दिन पौर पौलिका सफाई कार्य के लिए निविदा के विज्ञापन के बाद, अनादि चरण साहू ने उक्त निविदा जीती, पौर पालिका और एसएचजी ग्रुप की महिलाओं द्वारा सफाई कार्यक्रम के लिए लगाए गए 15 बीओवी वाहनों का आखिरी दिन होगा विभिन्न मुद्दों पर शिकायत के बाद महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए तत्कालीन सरकारी एसजीएच ग्रुप ने महिलाओं के शहरी परिवहन के लिए बीओवी वाहनों को एक साल के अनुबंध पर लगाया था, लेकिन उस समय एजेंसी ने बीमा रोड से बिना किसी कागजी कार्रवाई, यहां तक कि बिना बीमा और पंजीकरण संख्या के वाहन की आपूर्ति की थी।
तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी या नगर पदाधिकारी ने बिना कोई कागजात देखे एसएचजी ग्रुप के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिया और वाहनों को परिचालन में लगा दिया।
नगर निगम ने सफाई का काम टेंडर के माध्यम से ठेकेदार को दिया और टेंडर लेने वाले ठेकेदार द्वारा गाड़ियों के कागजात मांगे जाने पर दोनों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।
इस घटना को लेकर एसजीएच समूह की महिलाओं ने थाना से संपर्क किया। पुलिस वाहन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को फोन किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि मामले को कैसे सुलझाया जाए।
इस घटना के बारे में नगर आयुक्त माधुरी लुगुन से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि इस बीओवी/सीआईवी की 15 बीओवी गाड़ियां एक साल के समझौते के तहत नगर निगम में सफाई कार्य में लगी हुई थीं और यह समझौता प्रति दिन एक निश्चित राशि के लिए तय किया गया था किसी भी दिन हड़ताल न करने के लिए दिया गया।
हालांकि एक साल बीत जाने के बाद भी समझौते का नवीनीकरण नहीं किया गया है, लेकिन आरोप है कि गाड़ी सुबह 7 बजे से काम पर निकल जाती है और सुबह 9 बजे वापस हो जाती है।
तो यहाँ सवाल यह उठता है कि आखिर बिना पंजीकरण और बिना बीमा के वाहन क्यों किराये पर लिए गये हैं, नियमों का उल्लंघन क्यों किया गया है। आमतौर पर अगर कोई मोटरसाइकिल चालक हेलमेट नहीं पहनता है तो उससे जुर्माना वसूला जाता है। क्या इस पर कोई जांच या कार्रवाई होगी?
कुछ दिन पहले जब ट्रैक्टर दुर्घटना में ड्राइवर की मौत हुई थी तो नगर परिषद ने 15 लाख हजार रुपये का मुआवज़ा दिया था।
फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है और शांति बनाए रखने की कोशिश कर रही है





