राजगांगपुर में गर्माने लगा है अवैध खनन का मामला
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
प्रशासन के सहयोग से हो रही है पत्थर खनन में लूट पत्थर माफिया काट रहे है चाँदी, सरकारी राजस्व की हानि !
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर तहसील अंतर्गत गैरकानूनी तरीके से पत्थर खनन का मामला प्रकाश में आई है, जहां पत्थर खनन माफियाओं द्वारा आधुनिक मशीन की सहायता से आरडीएस के जरिए ब्लास्ट कर दिन रात पत्थर खनन कर रहे हैं।
इस बिषय में प्रशासन को शिकायत करने के बाद भी प्रशासन का मौन रहना कई प्रश्न खड़े कर रहा है। यह भी प्रतीत होता है कि प्रशासन और खनन माफियाओं का मधु चंद्रिका चल रहा है जिससे पत्थर खनन में रात दिन लूट चल रही है पत्थर रूपी धन को पत्थर माफिया आसानी से सोना बना रहे हैं जिससे सरकारी राजस्व का हानि हो रही है।
राजगांगपुर प्रखंड़ के पानपोस पंचायत अधीन रामलता के गाड़धसा एवं मालीडीह पंचायत के करलाखमन के आसपास के इलाके में देखने को मिला है कि इस अंचल में अवैध खदान बैखौफ चलाया जा रहा है । इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि विभागीय अधिकारियों एवं कारोबारियों की सांठगांठ से यह अवैध खनन , का कार्य चल रहा है ।
अवैध तरीके से खदान का खनन एवं पेड़ों की कटाई से प्रर्यावरण दुषित तो हो गया है साथ ही साथ पेड़ों की कटाई से पर्यावरण संरक्षण पर खतरा भी मंडरा रहा है ।अधिकारी और अवैध कारोबारियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और अवैध कारोबार करने वालों का मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है ।
बताया जाता है कि सरकारी नियमों के अनुसार जिन खदानो को सरकार की ओर से लीज में दी गई है उन खदानो की सीमा निर्धारित करने के साथ तारों से घेराबंदी करने का आदेश राजस्व विभाग के सचिव ने दिया है । परंतु इन आदेशो को केवल फाइल तक सीमित रखा है । खबर ये भी है कि मेनुअल के खदान में अवैध तरीके से खनन कर पत्थर निकाल जा रहा है ।
जबकि खदान में ब्लास्टिंग करने का अनुमति चाहिए ब्लास्टिंग लाइसेंस होनी चहिए लेकिन इन स्थानों पर सरकार के नियमों और आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । वहीं दूसरी ओर अवैध तरीके से ब्लास्टिंग करने से आसपास इलाके में रहने वालों लोगों के घरों की दिवारों में दरारें आ रही है । सुबह और आधी रात में जब ब्लास्टिंग की जाती है ब्लास्टिंग की आवाज से पुरा शहर थर्रा उठता है ।
विभागीय अधिकारी के मौन रहने से अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद है । शहर के गणमान्य नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन को इस तरह के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए पहल करनी चाहिए ।





