राजगांगपुर में शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति से शहरवासियों में हर्ष
एक साल के बाद सरकारी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति से शहर वासियों के चेहरे में मुस्कान दिखी । सरकारी अस्पताल में आज नए शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप "प्रदीप कुमार कर" ने पदभार संभाला ।
राजगांगपुर: शहर के एक मात्र सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पिछले एक वर्ष से शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी महसूस की जा रही थी।
अस्पताल में पिछले एक वर्ष से एक शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी देखी जा रही थी अस्पताल में जल्द शिशु डॉक्टर की तैनाती को लेकर शहर वासी लगातार इसकी शिकायत कर रहे थे । अस्पताल में शिशु वार्ड होने के बावजूद यहां एक शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी थी । इधर एक वर्षो से अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ कमी से सरकार की जननी शिशु सुरक्षा योजना समेत अनेक योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा था । प्रसव के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ की ज्यादा जरूरत होती है। सरकारी अस्पताल में एक वर्ष से कोई शिशु डॉक्टर नहीं थे , शहर और दूर दराज से आने वाले ग्रामीणो को बच्चों को दिखाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था ।
पिछले एक वर्ष से शिशु चिकित्सक ना होने से इतने बड़े आबादी वाले इलाके में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यहां एक शिशु रोग विशेषज्ञ की सबसे ज्यादा जरूरत महसूूस की जा रही थी।
आज नए शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में प्रदीप कुमार कर ने पदभार संभाल लिया है सुंदरगढ़ जीला खनीज फंड (डी.एम.एफ) से नए शिशु रोग चिकित्सक की नियुक्ति हुई है शहर के सुप्रसिद्ध विधायक डॉक्टर राजन एक्का एवं सुंदरगढ़ सी.डी. एम. ओ सरोज कुमार मिश्र के प्रयास से आज यह संभव हो पाया है काफी लंबे समय से हो रही शहर वासियों की यह मांग आज पूरा होने से शहर वासियों के चहेरे में मुस्कान देखी गई ।





