मूलभूत सुविधाओं से वंचित बस्ती के लोगों ने एडीएम से लगाई गुहार
लखन लोहार (संवाददाता)
सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आनेवाले रेल नगरी बंडामुंडा़ में एक ओर जहाँ रेलवे विभाग द्वारा आवंटित आवास बिजली, स्ट्रीट लाइट, सड़क,शुद्धजल,नाली,साफ-सफाई, जैसी मूलभूत सुबिधाओं से परिपूर्ण है, वही दूसरी ओर बस्ती अंचलो में मूलभूत सुविधाओ का घोर अभाव देखा जा रहा है।
बस्ती अंचल में रहने वाले लोग दशकों से अपने बस्ती में रौशनी, नाली, सड़क, साफ - सफाई, शुद्ध पेयजल आदि सुविधाओं की मांग कर रहे है। ये लोग अपनी मांगों को लेकर कई बार बिरोध, प्रदर्शन, धरना प्रदर्शन भी कर चुके है, तो कई,कई दिनों तक प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगा चुके है। पर यह सारी कोशिशें ढाक के तीन पात ही साबित हो रही है। अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित है बस्ती वासी। और प्रशासन मौन। ज्ञात हो कि इन बस्तियों में स्ट्रीट लाइट न होने से अंधेरे का फायदा उठाकर चोर उचक्के चांदी काट रहे है। कभी घर के बाहर रखा सामान चोरी हो जाता है,तो कभी घर में किसी के ना होने पर घर का सारा सामान साफ हो जाता है।
बंडामुंडा़ के बोगदा बस्ती,चूडी बस्ती, नेपाली बस्ती, के लोग एक बार फिर सामाजिक संस्था, न्यायचक्र फांउंडेशन के वैनर तले मालती सिंह और रीना राय की अगुवाई में शबाना,बी.के.प्रुष्टि,नमन प्रधान, परमेश्वर शमासी,रंजन महापात्रो, ओम प्रकाश पोद्दार, एवं सैकडो़ लोग अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और राउरकेला नगर निगम अधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।
अब देखना यह है कि बस्ती के लोगों की मूलभूत समस्याओं से जुड़ी समस्या "जिसकी शिकायत बस्तीवासियों द्वारा बारम्बार किया जा रहा है "का समाधान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी द्वारा कैसे और कबतक किया जाता है।





