प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता जाँच की मांग

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता जाँच की मांग

प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता: राजगांगपुर नगर पालिका में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप

राजगांगपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत गरीबों को घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.  इस संबंध में नगर व पंचायत के कई लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.  शिकायतकर्ता दीपक खलको, सुभद्रा खाखा के अनुसार योजना के तहत वास्तविक गरीबों की अनदेखी की जा रही है, जबकि सक्षम व संपन्न लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है.  आरोप है कि स्थानीय नगर पालिका के पीएम आवास योजना विभाग में काम करने वाले कुछ अधिकारियों जैसे प्रणब जेना, दीपक सेठी, हजाम टुडू और अन्य की मिलीभगत से गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

क्या हैं अनियमितताएं?

इस योजना से उन लोगों को फायदा हो रहा है जिनके पास पहले से ही पक्का मकान है। वार्ड नंबर 7 और 18 में कई ऐसे सफल लोगों को पीएमएवाई के तहत घर मिले हैं, इस सूची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारी भी शामिल हैं।  आज भी कई गरीब परिवार खुले में रहने रहने के लिए विवश हैं।

वार्ड नंबर 10 में भी ऐसी कई अनियमितताएं हैं, जहां अयोग्य लोगों को आवास आवंटित कर दिया गया है और वे अपने पुराने घरों को किराये पर देकर मुनाफा कमा रहे हैं.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के कारण वास्तविक लाभुक इस योजना से वंचित हो रहे हैं.  उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

 प्रशासन के समक्ष दावा

शिकायतकर्ताओं ने जिला मजिस्ट्रेट, नगर कार्यपालक पदाधिकारी विक्टर सोरेंग (ई.ओ.), नगर सभापति मौरी लुगुन और पार्षदों को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की और अनुरोध किया कि अनियमितताओं की जांच तीसरे पक्ष से करायी जाये और सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन कराया जाये, जिसमें दोषी पाये जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाये। शहर के जागरूक नागरिकों ने कहा, 'अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.'  अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।