महिला अस्पताल में डाक्टरों की उपस्थिति सवालों के घेरे में
हरैया, बस्ती। कलयुग में डॉक्टरों को जीवन रक्षक माना जाता है, लेकिन हरैया क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टर नियुक्त होने के बावजूद उनकी नियमित उपस्थिति नहीं होती, जबकि कई अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। सबसे अधिक चर्चा हरैया में संचालित 100 शैय्या महिला चिकित्सालय को लेकर है। स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त दिखाई देती है, लेकिन रात्रि के समय डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर समस्या बनी रहती है। ऐसे में रात में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ने की बात सामने आ रही है।
वहीं, स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं है अथवा उसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अस्पताल में डॉक्टरों की वास्तविक तैनाती, उपस्थिति, रात्रिकालीन ड्यूटी तथा जांच सुविधाओं की स्थिति सार्वजनिक करे। मरीजों को समय पर डॉक्टर, जांच और आवश्यक उपचार मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की मूल जिम्मेदारी है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इन शिकायतों और आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। सरकारी तंत्र सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। जिससे सरकार की किरकिरी भी हो रही है।





