हृदय रोगियों के लिए अमृत साबित हो रहा STEMI सेंटर

हृदय रोगियों के लिए अमृत साबित हो रहा STEMI सेंटर

ग्राम पकड़ी जब्ती निवासी रोहित को आज अचानक सीने में तेज दर्द उठा। परिजन तुरंत उन्हें हर्रैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। STEMI नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने लक्षण देखते ही रोहित का ईसीजी कराया। रिपोर्ट में ‘एक्यूट एमआई’ यानी हार्ट अटैक की पुष्टि हुई। बिना समय गंवाए डॉ. सिंह ने मरीज को इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस लगाया — जिसकी कीमत बाजार में करीब 40 हजार रुपये है, यह जीवन दायनी इंजेक्शन हर्रैया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराया गया है। इंजेक्शन लगते ही हृदय की धमनी में जमी रुकावट खुल गई और रोहित को दर्द से राहत मिली। इलाज के दौरान डॉ. नंदलाल यादव भी मौजूद रहे। प्राथमिक स्थिरीकरण के बाद मरीज को अग्रिम उपचार के लिए कार्डियो हब, मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

क्यों जरूरी है इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस

 हार्ट अटैक में गोल्डन आवर’ के भीतर थ्रॉम्बोलिसिस हो जाए तो जान जाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीण स्तर पर STEMI सेंटर और निःशुल्क टेनेक्टेप्लेस इसी गोल्डन आवर को बचा रहे हैं।डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया में 24x7 ईसीजी, ट्रॉप-टी जांच और थ्रॉम्बोलिटिक दवा उपलब्ध है। सीने में दर्द, पसीना, घबराहट हो तो सीधे नजदीकी STEMI सेंटर पहुंचें।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया का STEMI सेंटर बना जीवनरक्षक।  
ग्राम पकड़ी जब्ती के रोहित को हार्ट अटैक आया। डॉ. आर.के. सिंह ने तुरंत ईसीजी कर टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाया। 40 हजार की दवा निःशुल्क मिली, धमनी खुली, जान बची। गोल्डन आवर में इलाज = जीवन।  
सीने में दर्द हो तो देर मत करो, STEMI सेंटर पहुंचो। अगर परिवार के साथ साथ आसपास के लोग जागरूक हों तो हार्ट अटैक से होने वाली घटनाओं पर समय रहते इलाज मिल जाने पर व्यक्ति की जान बच सकती है ।इस लिए जागरूक बनने और सरकार की इस व्यवस्था का पूरा लाभ लेने की जरूरत है।