तेतेरकेला नदी घाट पर पिकनिक पर लगी पाबंदी
सुंदरगढ़ जिला में स्थित प्रसिद्ध पिकनिक स्पाट तेतेरकेला पंचायत के तेतेरकेला गांव से होकर गुजरने वाली कोयल नदी तट पर इस वर्ष ग्रामीणो ने पिकनिक मनाने पर पाबंदी लगा दी है।
ग्रामीणो से मिली जानकारी के अनुसार नदी तट पर पिकनिक पार्टी का आयोजन होने से नदी तट में गंदगी फैल रही थी। लोग आते थे यहाँ भोजन बनाकर खाते थे और बचा हुआ भोजन,डीस्पोजल ग्लास, पत्तल, जली हुई लकड़ी,आदी अवर्जना नदी तट पर ही फेक जाते थे।
ग्रामीणो को इससे भी ज्यादा परेशानी शराबीयो की वजह से होती थी।
पिकनिक करने आय अधिकांश लोग शराब पीते थे, और शराब पीने के बाद शीशीयो को तोड़ फैड़ कर इधर उधर फेक देते थे।नशे की हालत में कई बार शराबियो को लड़ते झगड़ते भी देखा गया है, तो कई बार नशे की हालत में युवक डूब जाते है। अब तक कई युवा यहाँ डूब चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीण रोजाना नहाने-धोने,खेलने के लिए,सुबह शाम टहलने के लिए इस नदी और नदी तट का उपयोग करते है। ऐसे में कई बार शराब की टूटी कांँच शीशीयो के टुकड़े पांव के नीचे आने से लोग ज़ख्मी हो जाते थे।
महिलाओं का कहना है कि स्थानीय महिलाएं जो रोजाना नहाने, कपड़े, बर्तन आदि धोने के लिए इस नदी में जाती है वे भी शराबीयो और कुछ मनचले युवको की वजह से असहज महसूस करती थी।
इन्हीं सब कारणों की वजह से तेतेरकेला गांव के नदी घाट में पिकनिक मनाने पर ग्रामीणो द्वारा पाबंदी लगा दी गई है।
यहाँ राउरकेला व आसपास के अंचलो से दिसम्बर और जनवरी के महीने में अधिक संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते थे।
शराबीयो की वजह से ही झीरपानी नदी घाट के कई जगहो में स्थानीय लोगों द्वारा पिकनिक पर पावंदी लगा दी गई है।





