तालचेर में ट्रैफिक समस्या से त्रस्त शहरवासी

तालचेर में ट्रैफिक समस्या से त्रस्त शहरवासी

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचेर में ट्राफिक समस्या दिन पर दिन जटिल होती जा रही है। 
एक औद्योगिक शहर के रूप में परिचित तालचेर शहर से होकर गुजरने वाली राजपथ के दोनो ओर कोयला, राख, व अन्य सामग्रीयो से लदी ट्रके कई किलोमीटर तक घंटो घंटो पंक्ति में खड़ी रहती है। जिससे यहाँ जाम लग जाता है।
यह जाम अक्सर तालचेर प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले तालबेडा़ ग्राम से लेकर बांकोधरा, तालचेर कालेज, बस स्टैंड, तालचेर बाइपास, ट्राफिकचौक, पवित्रमोहन चौक, वल्हर, आनंदबजार, होते हुए चाईपाल तक कुल तेरह किलोमीटर तक लगा रहता है।
जाम लगने का कारण सड़क की चौडा़ई कम होना और पंक्ति में खडे़ ट्रको के बीच छोटी वाहनो का घूस आना होता है, कई बार ऐसा होता है कि बिपरीत दिशा से आ रहे  दो वाहन आमने आ जाते है और इन्हे निकलने के लिए कही से भी जगह नही मिलती और दोनो दिशाओं में जाम की स्थिति और भी जटिल हो जाती है।  ऐसी स्थिति में दोपहिया वाहन और साईकिल सवार तो फंसते ही है पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। 
ऐसे में प्रश्न उठता है कि ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए  ट्रैफिक पुलिसकर्मी,संबंधित अधिकारी घोडा़ बेचकर कहाँ सो रहे होते है। 
इस जाम के कारण सड़क किनारे के घरो में निवास कर रहे लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
तालचेर में आज से तीस साल पहले बनी इस राजपथ का निर्माण किया गया उस समय तालचेर की आबादी कम थी तथा वाहनो की संख्या भी कम थी परंतु समय के साथ साथ शहर की आबादी और यान वाहनो में काफी बुद्धि हुई है। 
समय गुजरने के साथ तालचेर एक औद्योगिक शहर के रूप में उभरा है, यहाँ से रोजाना पांच हजार के करीब कोयला लदी ट्रके निकलती है।
रोजाना बहुत बड़ी संख्या में ट्रको का शहर में आना होता है, लेकिन इन ट्रको के लिए शहर में ट्रक टर्मिनल जैसी उचित व्यस्था नही होने से ट्रके सड़क किनारे यहाँ वहाँ खड़ी कर दी जाती है जिससे  जाम की स्थिति बनती है। 
दूसरी ओर ब्राह्मणी नदीपर पुल निर्माण होने से जाम की स्थिति से निपटा जा सकेगा। 
तालचेर में उत्पन्न हो रही ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर शहर वासियों की मांग है कि चीरनिद्रा में सो रही   राजपथ विभाग इस स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाए।