प्रशासन पर लगा नोटिस दिए बिना घर तोड़ने का आरोप
धरमेंद्र सिंह (रिपोर्टर)
अयोध्या के सप्तसागर कॉलोनी निवासी मनीष कुमार गुप्ता ने जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमने जमीन का नक्शा पास करवाया था,जिसके लिए विकास प्राधिकरण को लगभग 3 लाख रुपये दिए गए थे। नक्शा बाकायदा दाखिल खारिज बैनामा कराने के बाद हमने अपने घर का निर्माण कार्य करवाया था। लेकिन जिला प्रशासन के उपमंड़ल अधिकारी (एसडीएम) विकास दुबे द्वारा बिना किसी अग्रिम नोटिस के घर गिरवाया जा रहा है। हालांकि मौके पर उपस्थित एसडीम से जब मीडिया कर्मीयों ने इस बिषय में बात करनी चाही तो उन्होने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया।
पीडित परिवार ने यह आरोप लगाते हुए एक बहुत बडा़ प्रश्न खड़ा कर दिया कि जब इस जमीन पर घर नहीं बन सकता था तो नक्शा क्यों पास किया गया, क्यों हुआ बैनामा, क्यों हुआ दाखिल खारिज और आज जब घर बनकर तैयार हो गया तो बुलडोजर लेकर घर को गिराने आ गए। आपको बता दें कि उक्त मकान को अयोध्या प्रसाद द्वारा बैनामा किया गया था।
यहाँ सबसे बड़ा प्रश्न जिला प्रशासन के कार्य शैली पर उठ रहा है कि, यदि इस मकान का निर्माण अवैध रूप से करवाया जा रहा है तो जब मकान का निर्माण कार्य आरंभ किया गया था,उसी वक्त निर्माण कार्य क्यों नहीं रोक दिया गया और क्यों नहीं दी गई नोटिस ? क्या प्रशासन घर के बनने का इंतजार र रहा था।?





