जानमाल की रक्षा के लिए पीडित ने लगाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से न्याय की गुहार
जमीन जायदाद हो या रूपये, गलत तरीके से संपत्ति हथियाने के लिए नाना उपाय करते है लोग। ऐसे असामाजिक लोगों को प्रशासनिक पदों पर बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का भी सहयोग मिलता आ रहा है।
ऐसा ही एक मामला ओडिशा के बिसरा प्रखंड़ अंतर्गत आनेवाले बिसरा थाना क्षेत्र के जरइकेला पंचायत से सामने आई है। पीडित पक्ष ने इस बात की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की जिसपर कार्यवाही करते हुए मानवाधिकार आयोग द्वारा राउरकेला पुलिस अधीक्षक के पास यह मामला भेजा गया है।
जरइकेला पंचायत के धाधकीडी़ गाँव में रहने वाले पीडित धीरेन महतो ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी कि उनकी जमीन को हथियाने के लिए गाँव के ही कुछ लोग जो उन्हीं के जाति के है स्थानीय पुलिस कर्मचारी, वन विभाग कर्मचारी और राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी की मिली भगत से उन्हें तरह तरह की यातनायें दे रहे है। उन्हें गाँव ना छोड़ने पर जान से मारने की भी धमकी दे रहे है।
धीरेन महतो की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत संख्या "61/18/14/2024" दर्ज हुई है। यह शिकायत अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राउरकेला पुलिस अधीक्षक के पास भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।





