कब पूरी होगी तालचेर के आधे-अधूरे स्टेडियम का निर्माण कार्य

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

तालचेर जैसे उद्योगीक क्षेत्र में खिलाड़ी दूूूूूसरे राज्यों में जाकर विभिन्न  खेलो में भागीदारी कर तालचर को गौरव दिलाया।  इसे ध्यान में रखते हुए, जब विभिन्न वर्गों से इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल स्थल में बदलने की मांग की गई, तो तालचेर पैलेस के पास एक स्टेडियम के निर्माण की नींव रखी गई।  

यह स्टेडियम ब्राह्मणी नदी के तट पर स्थित है, जबकि दूसरी तरफ क्वीन्स पार्क का जंगल खिलाड़ियों और दर्शकों के मनोरंजन के लिए एक उत्कृष्ट स्थान है, इसलिए इस प्राचीन मैदान को राजा महाराजा द्वारा दिया गया था। यहाँ कई वर्षों तक लगातार विभिन्न प्रकार के खेल आयोजित किए गए।  बाद में, इस ऐतिहासिक खेल के मैदान को स्टेडियम में बदलने के लिए राज्य सरकार को तत्कालीन विधायक बिवुडेंदु प्रताप दास के अनुरोध पर सरकार द्वारा मैदान का डिजाइन और स्केच प्रदान किया गया था।  उसके बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय जानकी बल्लभ पटनायक ने इसके अंदरुनी हिस्से को स्थापित करने के बाद, एमसीएल ने लगभग ₹3 करोड़ खर्च कर कमरे, दर्शक दीर्घा, व अन्य कार्य करवाए ।
 भले ही अब तक 30 साल बीत चुके हों, लेकिन विभिन्न हलको में यह सुनने में आता है कि इसके पुनरुद्धार के साथ निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सकता है।  हालांकि, 15/05/2018 को आरपीडीसी की 10वीं बैठक में, एमसीएल की दीवार और संबंधित कार्यों को युद्धकालीन स्तर पर पूरा करने का निर्णय लिया गया और प्रशासनिक, राजनेताओं और कोयला खनन अधिकारियों की उपस्थिति में इसे शिघ्रता से पूर्ण करने का निर्णय लिया गया था।  लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमसीएल 2018 से 2022  तक इस स्टेडियम में एक ईंट तक नहीं बैठा पाई।