कर्नाटक में होगा अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र की स्थापना

इन-स्पेस ने कर्नाटक सरकार के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें -

(i) अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की गतिविधियों हेतु सहायता प्रदान करना और

(ii) कर्नाटक में अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र की स्थापना करना शामिल है। क्लस्टर का सटीक स्थान राज्य सरकार द्वारा तय किया जाएगा।

इसके अलावा, कर्नाटक में अंतरिक्ष विनिर्माण क्लस्टर में सामान्य तकनीकी सुविधा की स्थापना के लिए कर्नाटक सरकार से दिनांक 30.06.2025 को एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

इन-स्पेस ने बेंगलुरु से 50 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्ट-अप को सहायता प्रदान की है और इन-स्पेस की सीड फंड स्कीम एंड प्रीइन्क्यूबेशन कार्यक्रम के तहत 5 स्टार्ट-अप का चयन किया गया है।

इन-स्पेस द्वारा अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों के व्यावसायीकरण में सहयोग करने के लिए निम्नलिखित पहल की गई हैं:

  • कृषि, आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, समुद्री और मिशन वर्चुअलाइजेशन क्षेत्र में आवश्यक निधि अवसरों की घोषणा की गई है।
  • उत्पाद के विकास और व्यावसायीकरण को सहायता देने के लिए प्रौद्योगिकी अभिग्रहण निधि।
  • अंतरिक्ष अनुप्रयोग अपनाने संबंधी कार्यशाला का आयोजन, जहां गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को उपयोगकर्ताओं से जुड़ने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

यह जानकारी लोकसभा में एक लिखित उत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।