ओडिशा डिजिटल मीडिया महासंघ का गठन

ओडिशा डिजिटल मीडिया महासंघ का गठन

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर 
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया।

मजरूह सुलतान पुरी द्वारा रचित  यह पंक्तियां आज "ओड़िशा डिजिटल मीडिया महासंघ" की नींव रखने वाले दो वेव पत्रकारो कान्हू चरण नायक ओर सत्यजित महापात्र पर सटीक बैठती है, जिन्होंने आज से चार साल पहले इस महासंगठन की कल्पना कर महज दस वेव प्रत्रकारों को लेकर "राज्य वेव मीडिया संघ"नामक एक संगठन बनाया।कुछ हफ्तो के अंतराल के बाद संगठन के सदस्यों की दूसरी बैठक आयोजित की गयी, और फिर कुछ अंतराल पर तीसरी बैठक आयोजित की गयी। ज्यो ज्यो बैठको का सिलसिला बढ़ता गया इस संगठन में सदस्यों की संख्या भी बढ़ती गई। तीसरी बैठक तक इस संगठन में सदस्यों की संख्या बढ़कर 25-30 के बीच हो गई। 

अब सभी सदस्यों ने मिलकर राज्य के अन्य जिलो में कार्यरत वेव पत्रकारो से संपर्क करना शुरू कर दिया। कुछ सदस्य व्यक्तिगत रूप से भुवनेश्वर के निकटस्थ जिलो जैसे पूरी, कोणार्क, केन्द्र पाडा़, नायागढ़, जाजपुर, का दौराकर इन जिलों मे कार्यरत वेव पत्रकारो से संपर्क किया और इन्हें अपने संगठन में जोड़ने का काम किया। 
इस संगठन के विस्तार के लिए शोसल मीडिया का सहारा लिया गया। और अन्य पत्रकारो के व्हाट्सएप ग्रूप में सदस्यता के लिए लिंक भेजी गई देखते देखते चंद दिनो में ही वेव चैनल के मालिको समेत दो हजार वेव पत्रकार जुड़ गए।

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े सदस्यों मे से कुछ लोगों ने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए और अन्य पत्रकार को भी इस संगठन से जोड़ने का बीड़ा उठाया। ऐसे ही कुछ लोगों का समूह बनाकर भुवनेश्वर के इंदिरा गांधी पार्क में 3-4 बैठके आयोजित की गई जिसमें पूरे ओडिशा के वेव पत्रकारो को एक मंच पर लाने का निर्णय लिया गया और इसे कार्यक्षम करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कान्हू चरण नायक, सत्यजित महापात्र, मनोज सतपती, केदार मिश्रा, आसूतोष सामंत राय, लग गए। 

25/04/2023 के दिन 100 वेव चैनल के मालिको और लगभग 2000 पत्रकारो की पहली बैठक भुवनेश्वर स्थित जयदेव भवन के गीत गोविंद सदन में आयोजित की गई। जिसमें राज्य वेव मीडिया संघ को नया नाम दिया गया "ओडिशा डिजिटल मीडिया महासंघ " और इस तरह गीत गोविंद सदन इस महासंघ के गठन का साक्षी बना। 
इस पहली बैठक को संबोधित करने के लिए मंच पर राज्य के सभी राजनैतिक दलो के प्रतिनिधि, और समाज सेवी एक मंच पर देखे गए। 

अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी जतिस चंद्र महान्ती ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समय के साथ साथ संचार तंत्र में भी काफी परिवर्तन आया है, आज का युग डिजिटल यूग है इसलिए सरकार को चाहिए कि डिजिटल मीडिया को गुरूत्व दे और वेव पत्रकारो को भी सरकारी मान्यता दी जानी चाहिए।।

अध्यक्ष केदार मिश्रा ने कहा कि कोई भी समाचार सत्य है असत्य इसका निर्णय लेने का अधिकार केवल सरकार के हाथ में है। जिसका विरोध होना चाहिए। आई टी रूल मीडिया की स्वाधीनता का हनन है। आर्टिकल 19 में पत्रकार की स्वाधीनता नही है। 

मंच संचालन और अतिथियो का स्वागत कान्हू चरण नायक ने किया। अतिथि परिचय सत्यजित महापात्र ने दिया। अंत में मनोज सतपती ने अतिथियो का धन्यवाद  अर्पण किया और सभा की दूसरी पाली के आरंभ की घोषणा की जिसमें ओडिशा डिजिटल मीडिया महासंघ के चुने गए 30 पदाधिकारीयो की घोषणा की गई ,और उन्हे सम्मानित किया गया।

ओडिशा डिजिटल मीडिया महासंघ के पहली बैठक के गवाह गीत गोविंद सदन के साथसाथ मंचासीन संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार केदार मिश्र, उपाध्यक्ष आसूतोष सामंत राय, बीजद युवा कल्याण बोर्ड के कूना बिहारी दास, भाजपा के राज्य प्रवक्ता राजेन्द्र पंडा,काग्रेस विधायक सुरेंद्र राउतराय, आम आदमी पार्टी के निसिकांत महापात्र, समृद्ध ओडिशा के जतिस चंद्र महान्ति, समाजसेवी दुस्मंत कुमार स्वांईं, पत्रकार भागवत त्रिपाठी,वेव चैनल के सैकड़ों मालिक और हजारों पत्रकार,बने ।

इस महासंगठन का बिभिन्न मीडिया में प्रचार प्रसार होने के बाद वेव मीडिया से जुड़े लोग रोजाना संगठन से जुडने के लिए संगठन के पदाधिकारीयो से संपर्क कर रहे है। अध्यक्ष केदार मिश्रा के अनुसार संगठन का उद्देश्य वेव मीडिया कार्यरत पत्रकारो को सरकारी मान्यता दिलाना है। 

हरहर शम्भू कुमार चौधरी (M.J.) Spoks Persion of "ODMM"

editor-in-chief 'www.saranshdainik.com'