अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का सरगना गिरफ्तार
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का मास्टरमाइंड पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।गिरफ्तार आरोपी पर सैकडो़ युवाओं को फांसकर अरबों की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस उप महानीरीक्षक और पुलिस अधीक्षक, राउरकेला ने पत्रकारों को इस ठग गीरोह की जानकारी देते हुए बताया कि -
राउरकेला की पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में उत्तर प्रदेश निवासी देवेंद्र प्रताप मौर्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 10 मोबाइल फोन, 8 पेनड्राइव, 14 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, ₹22,000 नकद, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किये हैं।यह एक अंतराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का सरगना है।इसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
बीते शनिवार के दिन पुलिस मुख्यालय, राउरकेला पुलिस जिला, में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में उप महानिरीक्षक पश्चिमी सीमा, बृजेश कुमार राय और राउरकेला पुलिस अधीक्षक, नितेश वाधवानी ने पत्रकारो को यह जानकारी दी कि इस मामले में और गिरफ्तारियां जल्द ही की जाएगी। जांच में खुलासा हुआ है की आई.टी. कम्पनी में नौकरी के नाम पर इस गिरोह में सैकड़ों युवाओं को शामिल किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसका राउरकेला पुलिस ने खुलासा किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ माह पूर्व फ़रवरी माह में इस गिरोह से जुड़े युवा दंपत्ति को राउरकेला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।राउरकेला में एक सरकारी कर्मचारी से 67.70 लाख की धोखाधड़ी से जुड़े मामले में इस अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ राउरकेला पुलिस ने किया है। यह गिरोह दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में सक्रिय है और भारत समेत कई देशों में फैला हुआ है। देश भर में इस गिरोह के अब तक 14 सरगनाओं की गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें तीन आरोपी उत्तराखंड से हिरासत में लिए गए है।
इस गिरोह ने "आईटी कंपनी" के नाम पर भारतीय युवाओं को अपने जाल में फांसकर साइबर अपराध में धकेला है, जिससे 1,000 से अधिक भारतीय युवा का जीवन प्रभावित हुआ है। यह गिरोह स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी, क्रिप्टोकरेंसी, और मानव तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों में लिप्त है। ओडिशा अपराध शाखा और गृह मंत्रालय के संयुक्त तकनीकी सहयोग से राउरकेला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व मे मामले की सभी पहलुओं की जांच हो रही है। इस गिरोह द्वारा भारत के 500 से अधिक लोग ठगे जा चुके हैं, जिनमें ओड़िशा, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, और दिल्ली जैसे राज्यों के निवासी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक राउरकेला के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है।
इस गिरोह की जाँच में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, पानपोष रेंज उपासना पाढ़ी, निरीक्षक पद्माबती मिर्धा कार्यकारी अधिकारी आर्थिक अपराध शाखा थाना,संपद मोहंती सहायक निरीक्षक साइबर सेल, बिकास कलेट सहायक निरीक्षक आदि पुलिसकर्मी जुटे हुए हैं,एवं आरोपी की गिरफ्तारी में इनकी अहम भूमिका रही है।





