हो युवाओ का राष्ट्रीय सम्मेलन 5 व 6 नवंबर को
हो समाज के युवाओ ने राष्ट्रीय स्तर पर युवा सम्मेलन समारोह का आयोजन के लिए की तैयारी बैठक।
राउरकेला "हो" युवा संगठन द्वारा 5 व 6 नवंबर को राष्ट्रीय हो युवा मिलन (दिसुम हो जुवान जुमर - एनएचवाईएम) आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए दिनांक 25 सितंबर 2022 को राउरकेला के सेक्टर दो में एक बैठक कर कार्यक्रम की सफलता पूर्वक आयोजन के लिए बिचार विमर्श किया । इस बैठक में राउरकेला के स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ चाईबासा, भुवनेश्वर, जमशेदपुर, चक्रधरपुर, क्योंझर, मेदिनीपुर, कटक, बंगलोर, नई दिल्ली, मुंबई एवं कोलकाता इत्यादि जगहों के राष्ट्रीय हो युवा मिलन केंद्रीय समिति के सदस्यों ने ऑफलाइन एवं वर्चुअलमाध्यम से भाग लिया। केन्द्रीय समिति के सदस्य विश्वजीत सिंकू ने इस सम्मेलन को सफलतापूर्वक आयोजन हेतु कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की।
रघुनाथ बोदरा ने बताया कि वर्ष 2013 से चाईबासा,राँची,जमशेदपुर,चक्रधरपुर(झारखंड), भुवनेश्वर,क्योझर, (ओड़िशा),और मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) में इसका आयोजन किया जा चुका है। पिछली बार यह कार्यक्रम 2020 में कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल मोड़ में बेंगलुरु (कर्नाटक) से आयोजित की गई थी। दो वर्ष के अंतराल के बाद इस वर्ष 5 व 6 नवंबर 2022 के दिन राउरकेला के छेंड़ स्थित ग्रीन पाम में आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम के सम्बन्ध में राउरकेला कारागार अधिकारी जीवन सिंह मुंडा (कूदादा) ने बताया कि इस साल के कार्यक्रम का थीम जनता द्वारा वोट के माध्यम से ''हयाम रेया कोरंग'' चुना गया है, जिसका अर्थ "भाषा की गूंज" है।
देश में 'हो' समुदाय के 45 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। केंद्रीय समिति के सदस्य चिन्मय सोय ने कहा कि कार्यक्रम में लगभग 1000 से 1500 लोगो भागीदारी कर सकते है।
इस सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, इसके अतिरिक्त समाज के विभिन्न व्यक्तिर्यों के द्वारा सामाजिक एवं आर्थिक विकास के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
इस बैठक में श्री ललित बारी, सिकंदर सामड, पूजा तिरिया, उदय पुरती, देसाउली समिति राउरकेला के अध्यक्ष लालसिंह बुड़ीउली, मोहन सिजुई, और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ऑल इंडिया हो भाषा एक्शन कमेटी, भुवनेश्वर के महासचिव लक्ष्मीधर सिंह तिउ, नई दिल्ली से बलभद्र बिरुवा, बेंगलुरु से जूली सुम्बुराई, मुंबई से सतीश तिउ, कोलकाता से हिटलर हेस्सा, क्योंझर से सत्यजीत लागुरी, पद्मलोचन सोय, कटक से पिंकी बोदरा, ने भाग लिया और संगठन की सफलता के लिए अपनी राय व्यक्त की। अंत में राउलकेला केन्द्रीय हो समाज के सांस्कृतिक अध्यक्ष गदादर थिउ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।





