सीतामढी़ को मिलेगी अत्याधुनिक बंदे भारत
भारतीय रेल आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने और स्टेशनों के बीच संपर्कता में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती है। इसी उद्देश्य से वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
किसी भी मार्ग/खंड पर नई गाड़ियां शुरू करना, मौजूदा गाड़ियों के फेरे बढ़ाना, मौजूदा गाड़ियों का विस्तार आदि कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
● उस खंड की क्षमता,
● पथ की उपलब्धता,
● अपेक्षित चल स्टॉक की उपलब्धता,
● चल स्टॉक के लिए उपयुक्त अवसंरचना की उपलब्धता,
● रेलपथ और अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव की आवश्यकता
उपरोक्त कारकों को ध्यान में रखते हुए और दरभंगा-दिल्ली सेक्टर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, भारतीय रेल ने गाड़ी संख्या 15557/58 दरभंगा-आनंद विहार (टर्मि.) अमृत भारत एक्सप्रेस (01.01.2024 से अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, नरकटियागंज और सीतामढ़ी के रास्ते) शुरू की है। वर्तमान में, दरभंगा-दिल्ली सेक्टर को 04 जोड़ी रेल सेवाएँ सेवित कर रही हैं।
वर्तमान में दरभंगा-अयोध्या सेक्टर 04 जोड़ी गाड़ी सेवाओं से सेवित किया जा रहा हैं, जिनमें गाड़ी संख्या 15557/58 दरभंगा-आनंद विहार (टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस और हाल ही में शुरू की गई गाड़ी संख्या 15561/62 दरभंगा-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस (26.07.2025 से अयोध्या कैंट के रास्ते) शामिल हैं।
उपर्युक्त अमृत भारत सेवाएँ सीतामढ़ी-अयोध्या सेक्टर की आवश्यकताओं को भी पूरा कर रही हैं। वर्तमान में, सीतामढ़ी-अयोध्या सेक्टर को तीन जोड़ी गाड़ियां सेवित कर रही हैं।
- वंदे भारत सेवा: भारतीय रेल ने वंदे भारत सेवाएं शुरू की हैं जो अर्ध-उच्च गति वाली रेलगाड़ियां हैं और इनका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव और उन्नत संरक्षा प्रदान करना है। ये सेवाएं निम्नलिखित उन्नत संरक्षा विशेषताएं एवं आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित हैं –
I. कवच प्रणाली
II. तीव्र गति
III. पूर्णतया सीलबंद गैंगवे
IV. स्वचालित प्लग दरवाजे
V. बेहतर सवारी सुविधा
VI. हॉट केस के प्रावधान सहित मिनी पेंट्री
VII. बोतल कूलर
VIII. डीप फ्रीज और हॉट वॉटर बॉयलर
IX. रिक्लाइनिंग एर्गोनोमिक सीटें
X. एक्जीक्यूटिव श्रेणी में घूमने वाली सीटों के साथ आरामदायक बैठने की व्यवस्था
XI. प्रत्येक सीट के लिए मोबाइल चार्जिंग सॉकेट
XII. ड्राइविंग ट्रेलर कार (डीटीसी) में दिव्यांगजन यात्रियों के लिए विशेष शौचालय
XIII. सीसीटीवी, इत्यादि
12 अगस्त, 2025 की स्थिति के अनुसार, भारतीय रेल की बड़ी लाइन के विद्युतीकृत नेटवर्क पर 150 वंदे भारत रेलगाड़ी सेवाएँ चालू हैं।
- अमृत भारत सेवाएं: बिहार सहित अन्य यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने, निम्न और मध्यम आमदनी वाले परिवारों को परिवहन के किफायती साधन उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेल ने अमृत भारत गाड़ी सेवाएं शुरू की हैं जो पूर्णतया अवातानुकूलित आधुनिक गाड़ियां हैं। अमृत भारत की मौजूदा संरचना में 11 सामान्य श्रेणी के सवारी डिब्बे, 8 शयनयान श्रेणी के सवारी डिब्बे, 01 पेंट्री कार और 02 सामान सह दिव्यांगजन सवारी डिब्बे शामिल हैं। उच्च गति और उन्नत संरक्षा मानक इन रेलगाड़ियों की पहचान है, जिसमें निम्नलिखित संवर्द्धित विशेषताएं और सुविधाएं हैं:
- वंदे भारत स्लीपर के समान उन्नत रूप और अनुभव के साथ सीट और बर्थ का बेहतर सौंदर्यीकरण।
ii. झटका रहित सेमी-ऑटोमेटिक कपलर्स।
iii. सवारी डिब्बों में क्रैश ट्यूब के प्रावधान द्वारा बेहतर क्रैशवर्थी सुविधाएँ।
iv. सभी सवारी डिब्बों और सामान कक्ष में सीसीटीवी प्रणाली का प्रावधान।
v. शौचालयों का बेहतर डिज़ाइन।
vi. बर्थ पर आसानी से चढ़ने के लिए सीढ़ी का बेहतर डिज़ाइन।
vii. बेहतर एलईडी लाइट फिटिंग और चार्जिंग सॉकेट।
viii. ईपी सक्षम ब्रेकिंग प्रणाली का प्रावधान।
ix. शौचालयों और इलेक्ट्रिकल क्यूबिकल्स में एरोसोल आधारित अग्नि शमन प्रणाली।
x. यूएसबी टाइप-ए और टाइप-सी मोबाइल चार्जिंग सॉकेट।
xi. यात्री और गार्ड/रेलगाड़ी प्रबंधक के बीच पारस्परिक संचार के लिए आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली।
xii. उन्नत तापन क्षमता वाली अवातानुकूलित पेंट्री।
xiii. आसानी से जोड़ने और अलग करने के लिए त्वरित निस्तारण तंत्र के साथ पूर्ण रूप से सीलबंद गैंगवे।
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और इस प्रकार की अधिक गाड़ियां चलाने के लिए, भारतीय रेल ने बड़े पैमाने पर नेटवर्क विस्तार कार्यों को शुरू किया हैं।
किसी भी सवारी डिब्बों/इंजनों के निर्माण/रखरखाव इकाई की स्थापना रेलवे के चल स्टॉक की समग्र आवश्यकता को ध्यान में रखकर की जाती है। मौजूदा विनिर्माण और रखरखाव इकाइयाँ और पहले से नियोजित इकाइयाँ भारतीय रेल की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।
यह जानकारी लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गहई है।





