शिक्षकों की कमी से जुझता स्कूल अभिभावकों ने दी ताला लगाने की चेतावनी
सुशांत मलिक (संवाददाता)
कालाहांडी जिले के कुछ लोगों ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन वाली सरकार अपनी एजुकेशन पॉलिसी में फेल हो गई है। अपनी एजुकेशन पॉलिसी में पिछड़ रही सरकार शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। ऐसी हालत कालाहांडी जिले के करलामुंडा ब्लॉक में देखने को मिल रही है। कई स्कूलों में एक शिक्षक है, तो कहीं दो शिक्षक छात्रों को पढ़ा रहे हैं। ऐसा ही नजारा कालाहांडी जिले के सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिल रही है। इस स्कूल में कुल 76 छात्र हैं, वही शिशु बाटिका में एक शिक्षक है। और आठवीं कक्षा तक के लिए कुल तीन शिक्षक है। क्लास में 3 टीचर हैं, जबकि एक अर्जित अवकाश में है। नर्सरी को छोड़कर दो कक्षाओं में पढ़ाई हो रही है। अभिभावकों की शिकायत है,की है कि शिक्षकों की कमी। बच्चों की पढ़ाई में रूकावट का कारण बन रही है।
स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि अगर इसपर अतिशीघ्र बिचार नहीं किया गया तो हमें बच्चों की भविष्य की खातिर कोई कदम उठाना होगा।क्योंकि हम बच्चों के भविष्य को अंधेरे में नहीं रख सकते। इस बारे में गांव के युवा संगठन अध्यक्ष रूपेंद्र भोई, स्कूल अध्यक्ष अशोक पटेल समेत गांव के सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने करलामुंडा के शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी है। इस मामले में अतिरिक्त शिक्षा अधिकारी गोपामणि साहू का कहना है कि ब्लॉक के अलग अलग स्कूलों में ऐसी समस्या है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से शिक्षकों की नियुक्ति न होने की वजह से इसमें तीन महीने लगेंगे। इस बीच, पंद्रह दिनों के अंदर स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो गांव के सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने चेतावनी दी है कि पंद्रह दिनों के अंदर स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो स्कूल में ताला लगा देंगे।





