विस्थापन से एसएसजी ग्रूप की बढ़ी चिंता
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर प्रशासन की और से नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 बीरबरपल्ली के लंबे समय से रह रहे लोगों के घरों को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया। नतीजतन,कई लोग विस्थापित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में 10 सदस्यीय मां दुर्गा एसएसजी समूह को सरकार द्वारा पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। सबसे पहले उन्होंने क्षेत्र में प्लाट संख्या 20 पर एक लाख रुपये की लागत से पोल्ट्री फार्म हाउस बनाया। स्थानीय सरकारी अधिकारियों की औपचारिक जांच के बाद बैंक के माध्यम से एक लाख 42000 रुपये प्रदान किए। एसएसजी ग्रुप के मुताबिक लोन जारी होने के छह महीने पहले स्थानीय प्रशासन की ओर से वर्क ऑर्डर जारी किया गया था।
उन्होंने कहा, 'फार्म गिराए जाने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने पहले स्थानीय विधायक, जिलाधिकारी, स्थानीय तहसीलदार से कुछ और दिन की मोहलत देने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि 10 साल की जानी-मानी मां दुर्गा एसएसजी ग्रुप को सरकारी जमीन पर पोल्ट्री हाउस बनाने और कर्ज देने की इजाजत कैसे दी। कैसे उन्हें 1,75,000 रुपये के सरकारी अनुदान के साथ एक पोल्ट्री फार्म बनाने की अनुमति दी गई,और लोन प्रदान किया गया।
इस ग्रूप के सदस्य तीन महीने से मुर्गा पाल कर आमदनी करने का सपना संजोए हुए है और इनकी फार्म उजाड़ दी गई।
,ऐसे में सवाल यह है कि अब लोन का पैसा कौन और कैसे देगा? जबकि नबीनबाबू महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक के बाद एक योजना लेकर आए हैं, इस बात की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है।कि स्थानीय प्रशासन ने इतना बड़ा निर्णय लेने में एसएसजी महिला समूह को नजरअंदाज कैसे किया।





