राउरकेला का पानी प्रदूषित है या राजनैतिक मुद्दा
हरहर शम्भू चौधरी (मुख्य संपादक)
राउरकेला शहर में दस्त व अन्य पेट से संबंधित बीमारियों की वजह पेयजल को बताया जा रहा है। इसे विपक्षी पार्टियों ने एक मुद्दा बनाकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया है। जबकि ओडिशा जल निगम से मिली जानकारी के अनुसार 15-12-2023 से 25-12-2023 तक विभिन्न स्थानों से लिए गए पानी के 3861 नमूनों में पानी को प्रदूषित नहीं पाया गया।
दूसरी ओर चिकित्सा के लिए राउरकेला में शहर व आसपास के अंचलो के अलावा पडोसी राज्य झारखंड से भी दस्त एवं पेट से संबंधित बिमारी से ग्रस्त मरीज इलाज कराने के लिए आते देखे जा रहे है। ऐसे में इस बात का दावा करना की राउरकेला में पेट से संबंधित बिमारी पानी की वजह से फैली है, एक भ्रम या मिथ्या मुद्दा होने की ओर इशारा कर रहा है।
इस बिषय पर राउरकेला नगर निगम आयुक्त की पत्रकार सम्मेलन का विडियो जरूर देखें।
राउरकेला शहर में डायरिया के मामले को देखते हुए ओडिशा जल निगम (WATCO) द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए है।
(1) जोनल जलाशयों के रूप में हैंड पंप ट्यूबवेलों की मरम्मत/संक्रमण रोकने के लिए 5 गिरोह तैनात किए गए हैं और हैंड पंप ट्यूबवेलों की निगरानी और कीटाणुशोधन के लिए 6 कर्मियों को तैनात किया गया है।25 दिसम्बर तक 1783 जोनल जलाशयों की जाँच व मरम्मत की जा चुकी है।
(2)पाइप लाइनों की मरम्मत और सरकारी कार्यालयों के ओवर हेड टंकियों की सफाई के लिए 20 गिरोह तैनात किए गए हैं। सभी सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के आवासों के ओवर हेड टैंकों की सफाई के लिए अलग से 25 गिरोह तैनात किए जाएंगे, जिसके लिए 7 दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
(3)ओडिशा जल निगम द्वारा 25-12-2023 को पता लगाया गया की 14 बिंदुओं पर रिसाव हो रहा है, जिन्हें ठीक करने के लिए कदम उठाया गया है।
(4) घर-घर जाकर पानी के नमूनों की जांच के लिए मोबाइल लैब वैन तैनात की गई है। यह मोबाइल लैब वैन अवशिष्ट क्लोरीन और अन्य मापदंडों के लिए 200 नमूनों का परीक्षण कर सकती है। 25 दिसम्बर तक 343 पानी के नमूनों की जांच की जा चुकी है
(5) स्पेक्ट्रो लैब, राउरकेला को निर्देश दिया गया है कि वह आईएस कोड: 15185 के अनुरूप क्रोमोजोनिक कोलीफॉर्म अगर विधि द्वारा अवशिष्ट क्लोरीन के लिए उपभोक्ता और जलाशयों दोनों मिलाकर प्रति दिन कम से कम 40 पानी के नमूने एकत्र करें। 15 से 25 दिसम्बर तक दस दिनों में 482 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।
(6) सभी जलाशयों के नमूनों का हर दिन परीक्षण किया जाएगा
(7) सभी जलसाथियों को प्रतिदिन नल से लिए गए 20 नमूनों का परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। 15.12.2023 से 25.12.2023 तक 3036 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। उन्हें जियो टैग की गई तस्वीरें भेजने का निर्देश दिया गया है। बबीता प्रसाद, जलसाथी वार्ड संख्या 31 एवं 32 ने डिलक्स गली के विभिन्न घरों के भंडारण जल से पानी का नमूना लिया है, जहां अवशिष्ट क्लोरीन 0 से 0.1 है। उन्हें शाम को नल बिंदु से बहते पानी के नमूने एकत्र करने का निर्देश दिया गया है।
(8) 22 हॉट स्पॉट से पानी के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनका स्पेक्ट्रो लैब, राउरकेला द्वारा नि:शुल्क अवशिष्ट चियोन और क्रोमोजोनिक कोलीफॉर्म एगर के लिए परीक्षण किया गया है।
यह पाया गया है कि आज सभी नमूनों में अवशिष्ट क्लोरीन सही स्थिति में है। (यह आंकड़े 25-12-2023, को ओडिशा जल निगम कार्यालय "राउरकेला -पानपोष"से मिली जानकारी के अनुसार प्रकाशित की जा रही है)






