मेल एक्सप्रेस क्यों हुई दुर्घटना का शिकार
हावड़ा से मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल तक जानेवाली द्रुतगामी ट्रेन, ट्रेन संख्या 12810 अप हावड़ा - मुंबई मेल एक्सप्रेस हावड़ा से चलकर मुंबई की ओर अग्रसर थी कि चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने से पहले बडाबाम्बो रेलवे स्टेशन के निकट पोल संख्या 298/21 कि.मी. के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गई।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिपरीत दिशा से एक मालवाहक ट्रेन आ रही थी। इस ट्रेन का एक डिब्बा पटरी से नीचे उतर चुका था और तकरीबन एक से डेढ़ किलोमीटर तक से घिसटते हुए आ रहा था। जब इस बात की जानकारी मालवाहक ट्रेन चालक को हुई तो वह ट्रेन से उतर कर डिब्बों का मुआयना करने लगा तब तक दूसरी दिशा से हावड़ा - मुंबई मेल तेजी से दौड़ती आ रही थी। कहते है कि मेल एक्सप्रेस के चालक की नजर जब मालवाही ट्रेन के पटरी से उतरे हुए डिब्बे पर पडी़ तो उन्होने आपातकालीन ब्रेक (ईमरजेंसी ब्रेक) लगा दिया। फलस्वरूप ट्रेन के डिब्बे संतुलन खोकर आपस में टकरा गए जिससे तेज झटके के साथ 18 डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए।
रेलवे बुलेटिन के अनुसार यह दुर्घटना तड़के सुबह 3.45 बजे हुई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात के वक्त ट्रेन के चालक को ट्रेन के इंजन पर लगे हेड़लाईट की रौशनी में तीन से चार खम्बो तक ही स्पष्ट दिखाई देता है।शायद यही वजह थी की मेल एक्सप्रेस का चालक समय रहते पटरी से उतरे मालवाही ट्रेन के डिब्बे को नहीं देख पाया और जबतक उसके आँखों के सामने यह दृश्य आया तबतक समय निकल चुका था और इतना वक्त भी नहीं बचा कि वह मेल एक्सप्रेस कि रफ्तार को कम करता या टकराने की स्थिति से पहले रोक पाता और आनन फानन में उसने एमरजेंसी ब्रेक लगा दी, जिससे मेल एक्सप्रेस एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। रात का वक्त होने से यात्री अपने सीट पर सो रहे थे जिससे उन्हें संभलने का भी वक्त नहीं मिलपाया वह अपनी बर्थ से औधे मुंह गीरपडे़ और चोटिल हो गए। इस दुर्घटना में दो यात्रीयों की मौत होने की खबर है।





