मजाक बनकर रह गया जिलाधिकारी का अश्वासन

मजाक बनकर  रह गया जिलाधिकारी का अश्वासन

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)

जिला आयुक्त का वादा तालचेर की जनता के लिए मजाक तो नहीं!
तालचेर में हाटोतोटा क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्थानीय नगरपालिका 30 से अधिक वर्षों से हाटोतोटा में एक नगरपालिका अस्पताल का निर्माण किया गया था। 
इस अस्पताल में लंबे समय तक, अस्पताल में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक चपरासी, एक परिचारक और एक ड्रेसर था। अस्पताल के रजिस्टर से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ कार्यरत डा.पी.के दास के कार्यकाल में एक दिन में सौ से ज्यादा मरीजों को चिकित्सा सुविधा मिल रही थी।
उनकी मौत के बाद अस्पताल में अब सन्नाटा पसरा हुआ है।  अस्पताल में केवल एक फार्मासिस्ट और दो महिला कर्मचारी हैं, क्योंकि पिछले चार वर्षों से कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है।  इसलिए भले ही नगर पालिका इन कर्मचारियों के लिए भुगतान करती है, लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण लोगों तक पहुंचना संभव नहीं है! हाटोतोटा , शर्माचौक, हांडीधुआ, बघुआबोल, इतिचौक और रेमुआ ग्राम के हजारों मरीजों का इलाज अस्पताल में हो रहा था। अब यहाँ  चिकित्सक ना होने के कारण पांच साल से अधिक समय हो गए यह विरान पडी़ है।लोग अब इस स्पताल को भूत बंगला की संज्ञा देने लगे है। चिकित्सा क्षेत्र में सरकार करोडो़ रूपये खर्च कर रही है,पर यह अस्पताल अपने वास्तविक रूप से भटने लगी है। 
इस संबंध में तालचेर के मीडिया प्रतिनिधि ने दिनांक 23/04/2022 को हाटोतोटा सभागृह में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा जिसमें उनसे अस्पताल में एक डॉक्टर देने का अनुरोध किया गया था। इसपर जिलाधिकारी ने कहा कि वह तीन दिनों के भीतर एक नया डॉक्टर नियुक्त करने पर विचार करेगा, और तालचर के नगरनिगम अधिकारी को तुरंत एक डॉक्टर नियुक्त करने की सलाह दी थी।  इस जन सुनवाई को तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है,अबतक यहाँ किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई है।  इसके चलते शहरवासियों में तिव्र प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।