भूमी अधिग्रहण का पुरजोर बिरोध
डालमिया सीमेंट सयंत्र के चुना पत्थर खदान के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर जनसुनवाई मे कुकुड़ा, अलंडा पंचायत के ग्रामीणों का पुरजोर विरोध !
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर में 3 मई शुक्रवार के दिन सुबह के 9 बजे कुकुड़ा ग्राम पंचायत स्थित (जलडीही-277), अलंड़ा (रेंगरबाहाल – 48 परिवार) जलडीही गाँव मे डालमिया सिमेन्ट भारत लिमिटेड (डीसीबीएल) सयंत्र के लांजीबेरना चुना पत्थर खदान के लिए कुकुड़ा पंचायत का 162.96 एकड़ व अलंड़ा पंचायत का 164.82 एकड़ रयति जमीन अधिग्रहण को लेकर जनसुनवाई मे ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया | गौरतलब है की सुबह से ही कुकुड़ा पंचायत के ग्रामीणों ने जनसुनवाई वाले स्थान जलडीही पर अपनी बैनर लगा कर सभी ग्रामीण एकत्रित हुए और डालमिया सीमेंट सयंत्र के लांजीबेरना चुना पत्थर खदान के सप्रसारण के लिए भूमि अधिग्रहण करने को आए डालमिया सीमेंट सयंत्र के आला अधिकारी अतिरिक्त जिलापाल अभिमन्यु बेहेरा, राजगांगपुर एसडीपीओ डाक्टर शशांक शेखर बेउरा, राजगांगपुर थाना प्रभारी बीबस्त कुमार प्रधान, सुंदरगढ़ डीएसपी गोकुलानन्द साहू, अतिरिक्त आरक्षिक अधीक्षक सुरेन्द्र माझी, कुत्रा थाना प्रभारी सुशांत कुमार परिड़ा, बीरमित्रापुर एसडीपीओ मानस रंजन प्रधान, 10 प्लाटून फोर्स सहित इन सभी अधिकारियों का कुकुड़ा गाँव के निवासी बीबोल टोपो सहित स्थानीय वासिंदाओ ने खदान विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध जताया।
वहीं मीडिया से मुखातिब होकर बताया की एलएआरआर अधिनियम - 2013 कानून का विरोध है क्योंकि एलआरआर अधिनियम 2013 की धारा 41 (3) के प्रावधान "अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी भूमि के अधिग्रहण या अलगाव के मामले में संबंधित पंचायतों या स्वायत्त जिला परिषदों की ग्रामसभा की पूर्व सहमति, जिसमें अत्यावश्यकता के अनुसार भूमि अधिग्रहण भी शामिल है। उक्त अधिनियम को लेकर दोनों ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने डालमिया सीमेंट सयंत्र के लांजीबेरना खदान के विस्तार के लिए भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव को इस अधिनियम के अधिसूचना के तहत 26 जनवरी, 2020 को ग्राम परिषदों द्वारा सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया था इसलिए आरएंडआर पर बैठक मान्य नहीं है जिसे लेकर ग्रामवासी जिला प्रशासन के उक्त कार्य कि कड़ी निंदा की और विरोध कर जनसुनवाई को अवैध बताया |
वही मौके पर मौजूद राजगांगपुर विधायक डाक्टर सी एस राजन एक्का ग्रामीणों के समर्थन मे आगे आए और उन्होंने कहा की ग्रामीण जब अपनी जमीन नहीं देना चाहते है तो सरकार क्यों जबरन डालमिया सीमेंट के लांजीबेरना खदान विस्तार के लिए इन आदिवासियों को प्रशासन का भय दिखा कर जमीन अधिग्रहण करना चाहती है लेकिन कुकुड़ा ग्राम पंचायत के ग्रामीण 10 प्लाटून फोर्स व प्रसाशन के आला अधिकारी के बीच भी अपनी जमीन नहीं देगे कहा और एक बैनर लगा कर गाँव के भीतर जाने वाले रास्ता को बंद कर दिया और जनसुनवाई वाले स्थान जलडीह गाँव तक प्रशासन को प्रवेश करने नहीं दिया और प्रशासन को बिना जनसुनवाई के लौटना पड़ा।
इसके साथ वही ग्रामीणों ने एक स्लोगन कहा की जान दे देगें लेकिन लांजीबेरना खदान संप्रसारण के लिए एक इंच भी जमीन नहीं देगे।
जनसुनवाई को लेकर अतिरिक्त जिलापाल अभिमन्यु बेहेरा ने कहा की जिन लोगों को जमीन अधिग्रहण की जाएगी उन लोगों के परिवारों को आरएंडआर कॉलोनी मे चार रूम दी जाएगी और 18 वर्ष के ऊपर युवक युवती यदि चाहेगे तो उन्हे नौकरी भी दी जाएगी इसके अलावा उचित मुआवजा के साथ उन परिवारों को मकान, उनके बच्चों के शिक्षा की व्यवस्था और जो नौकरी के लिए इच्छुक है उन्हे नौकरी दी जाएगी |





